28 जुलाई 2026 को क्या है?
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28 जुलाई 2026 को क्या है? | 28 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, ​​व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति के आधार पर विशेष महत्व रखता है। 28 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और किन कार्यों के लिए यह दिन शुभ माना गया है, आइए जानते हैं।

28 जुलाई 2026 को क्या है?

28 जुलाई 2026 का दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है, जो धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन चौमासी चौदस और कोकिला व्रत जैसे पावन पर्व मनाए जाते हैं, विशेषकर गुजरात क्षेत्र में इसका विशेष महत्व है। मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की पूजा और शक्ति साधना का विशेष फल प्राप्त होता है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग इस दिन को आध्यात्मिक कार्यों, जप-तप और पूजा-पाठ के लिए अनुकूल बनाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – 6:20 PM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा – 1:12 PM तक
  • योग: विष्कुम्भ – 11:34 PM तक
  • करण: वणिज – 6:17 PM तक
  • मास (अमांत): आषाढ़
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कर्क
  • चंद्र राशि: धनु
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:31 PM राहुकाल: 3:26 PM से 5:06 PM गुलिक काल: 12:05 PM से 1:46 PM यमघण्ट काल: 8:45 AM से 10:25 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:24 AM सूर्यास्त: 6:47 PM चंद्रोदय: 6:07 PM चंद्रास्त: 3:55 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान हनुमान जी की पूजा करें और सिंदूर व चोला अर्पित करें।
  • “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें।
  • कोकिला व्रत के अनुसार देवी साधना करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें।
  • शाम के समय दीप जलाकर आरती करें।

निष्कर्ष

28 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। चतुर्दशी तिथि, मंगलवार और पावन व्रतों का संयोग इस दिन को और अधिक दिव्य बनाता है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और विष्कुम्भ योग साधना व पूजा के लिए विशेष ऊर्जा प्रदान करते हैं। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

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Published by Sri Mandir·July 27, 2026

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