27 जुलाई 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

27 जुलाई 2026 को क्या है? | 27 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, ​​व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी प्रदान करता है। 27 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

27 जुलाई 2026 को क्या है?

27 जुलाई 2026 का दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। मूल नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग इस दिन को साधना और आत्मचिंतन के लिए विशेष बनाता है। मान्यता है कि इस दिन शिव पूजा, मंत्र जाप और व्रत करने से जीवन में बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – 4:16 PM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: मूल – 10:29 AM तक
  • योग: वैधृति – 10:54 PM तक
  • करण: तैतिल – 4:13 PM तक
  • मास (अमांत): आषाढ़
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कर्क
  • चंद्र राशि: धनु
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:31 PM राहुकाल: 7:04 AM से 8:44 AM गुलिक काल: 1:46 PM से 3:26 PM यमघण्ट काल: 10:25 AM से 12:05 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:23 AM सूर्यास्त: 6:47 PM चंद्रोदय: 5:23 PM चंद्रास्त: 3:00 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  • मूल नक्षत्र के प्रभाव को शांत करने हेतु ध्यान और जप करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन, जल और वस्त्र का दान करें।
  • शाम के समय दीप जलाकर शिव आरती करें।

निष्कर्ष

27 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। सोमवार और त्रयोदशी तिथि का संयोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर प्रदान करता है। मूल नक्षत्र और वैधृति योग इस दिन को और अधिक शक्तिशाली बनाते हैं। श्रद्धा और भक्ति से किए गए पूजा-पाठ, जप और दान से जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

divider
Published by Sri Mandir·July 27, 2026

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

19 अगस्त 2026 को क्या है?

19 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

18 अगस्त 2026 को क्या है?

18 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

17 अगस्त 2026 को क्या है?

17 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook