26 जून 2026 को क्या है?
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26 जून 2026 को क्या है? | 26 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अलग होता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी दी जाती है। 26 जून 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

26 जून 2026 को क्या है?

26 जून 2026, शुक्रवार के दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है (रात 10:23 PM तक)। इस दिन रामलक्ष्मण द्वादशी का पावन पर्व मनाया जाएगा। साथ ही सिद्ध योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों के लिए विशेष शुभ बना रहा है। मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु तथा श्रीराम-लक्ष्मण की आराधना के लिए भी यह दिन उत्तम माना गया है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी – 10:23 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: विशाखा – 7:16 PM तक
  • योग: सिद्ध – 11:38 AM तक
  • करण: बव – 9:15 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: तुला
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पश्चिम

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:35 AM से 12:29 PM राहुकाल: 10:19 AM से 12:02 PM गुलिक काल: 6:53 AM से 8:36 AM यमघण्ट काल: 3:27 PM से 5:10 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:10 AM सूर्यास्त: 6:53 PM चंद्रोदय: 3:59 PM चंद्रास्त: 1:58 AM

धार्मिक महत्व

26 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन रामलक्ष्मण द्वादशी का पर्व होने के कारण भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी की पूजा का विशेष महत्व रहता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और पारिवारिक समृद्धि बनी रहती है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की आराधना के लिए भी शुभ माना जाता है। सिद्ध योग और विशाखा नक्षत्र का संयोग आध्यात्मिक साधना, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए उत्तम फलदायी माना गया है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और मां लक्ष्मी का ध्यान करें।
  • भगवान विष्णु और श्रीराम को पुष्प, तुलसी और भोग अर्पित करें।
  • राम रक्षा स्तोत्र या विष्णु मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें।
  • शाम के समय दीप जलाकर भगवान की आरती करें।

निष्कर्ष

26 जून 2026 का दिन रामलक्ष्मण द्वादशी, सिद्ध योग और विशाखा नक्षत्र के कारण अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य करने से सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होने की मान्यता है।

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Published by Sri Mandir·May 19, 2026

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