
जानिए गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस दिन का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।
26 जनवरी 2026 की तारीख अपने आप में खास पहचान रखती है। इस दिन देशभर में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व मनाया जाता है, साथ ही पंचांग के अनुसार भी यह दिन कई लोगों के लिए जानने योग्य रहता है। इस लेख में जानिए 26 जनवरी 2026 को क्या है और इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 26 जनवरी 2026 को कौन-से व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और यह दिन धार्मिक व राष्ट्रीय दृष्टि से क्यों खास है? 26 जनवरी 2026, सोमवार को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन भीष्म अष्टमी, मासिक दुर्गाष्टमी के साथ-साथ गणतंत्र दिवस भी मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति दोनों भावनाओं का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी – रात 9:19 PM तक
नक्षत्र: अश्विनी – दोपहर 12:33 PM तक
योग: साध्य – सुबह 9:12 AM तक
करण: विष्टि – सुबह 10:15 AM तक
वार: सोमवार
मास (अमांत): माघ
मास (पूर्णिमांत): माघ
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: मेष
ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
दिशाशूल: पूर्व दिशा
चंद्र निवास: पूर्व दिशा
1. भीष्म अष्टमी
भीष्म पितामह की स्मृति में मनाया जाने वाला यह पर्व पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों के निमित्त दान-पुण्य करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
2. मासिक दुर्गाष्टमी
माँ दुर्गा को समर्पित यह तिथि शक्ति, साहस और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन दुर्गा सप्तशती पाठ, व्रत और पूजा करना शुभ फल देता है।
3. गणतंत्र दिवस
26 जनवरी भारत का राष्ट्रीय पर्व है, जो देश के संविधान के लागू होने की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन देशभक्ति, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देता है।
शुभ मुहूर्त: 11:50 AM से 12:32 PM
राहुकाल: 8:06 AM से 9:28 AM
गुलिक काल: 1:33 PM से 2:55 PM
यमघंट काल: 10:50 AM से 12:11 PM
सूर्योदय: 6:44 AM
सूर्यास्त: 5:39 PM
चंद्रोदय: 11:14 AM
चंद्रास्त: 12:59 AM
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
भीष्म पितामह का स्मरण कर तिल, जल और अन्न से तर्पण करें।
माँ दुर्गा की पूजा कर दीप, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
दुर्गा मंत्र या सप्तशती पाठ करें।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज का सम्मान करें और देशभक्ति भाव रखें।
26 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय तीनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भीष्म अष्टमी और दुर्गाष्टमी जहां पितृ और शक्ति उपासना का अवसर देती हैं, वहीं गणतंत्र दिवस हमें अपने कर्तव्यों और देश के प्रति समर्पण की याद दिलाता है। इस दिन श्रद्धा, संयम और राष्ट्रभक्ति के साथ किए गए कार्य शुभ फल प्रदान करते हैं।
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