21 जनवरी 2026 को क्या है?
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21 जनवरी 2026 को क्या है? | 21 January 2026 Ko Kya Hai?

जानिए इस दिन का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

आज के दिन के बारे में

21 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन तिथि, वार, व्रत-उपवास और शुभ-अशुभ योगों का विशेष महत्व होता है। इस लेख में जानिए 21 जनवरी 2026 को कौन-से व्रत, त्योहार और शुभ संयोग बन रहे हैं।

21 जनवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 21 जनवरी 2026 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है? 21 जनवरी 2026, बुधवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। यह दिन शिशिर ऋतु और उत्तरायण काल में आता है, जिसे आध्यात्मिक उन्नति, संयम और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दिन बना व्यतिपात योग विशेष महत्व रखता है, जिसमें दान और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया – रात 2:48 AM तक

  • नक्षत्र: धनिष्ठा – दोपहर 1:59 PM तक

  • योग: व्यतिपात – शाम 6:59 PM तक

  • करण: तैतिल – दोपहर 2:45 PM तक

  • वार: बुधवार

  • मास (अमांत): माघ

  • मास (पूर्णिमांत): माघ

  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: मकर

  • चंद्र राशि: कुम्भ

  • ऋतु: शिशिर

  • अयन: उत्तरायण

  • दिशाशूल: उत्तर दिशा

  • चंद्र निवास: पश्चिम

आज के दिन का धार्मिक महत्व

21 जनवरी 2026 को कोई प्रमुख पर्व नहीं है, लेकिन व्यतिपात योग के कारण यह दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

  • इस योग में दान, जप और स्नान का विशेष पुण्य फल मिलता है।

  • माघ मास होने के कारण पवित्र नदी में स्नान और भगवान विष्णु की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है।

  • बुधवार होने से गणेश जी और बुध ग्रह से जुड़े उपाय भी लाभकारी होते हैं।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:49 AM से 12:31 PM

  • राहुकाल: 12:10 PM से 1:31 PM

  • गुलिक काल: 10:49 AM से 12:10 PM

  • यमघंट काल: 8:07 AM से 9:28 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:45 AM

  • सूर्यास्त: 5:35 PM

  • चंद्रोदय: 8:24 AM

  • चंद्रास्त: 7:59 PM

पूजा-व्रत एवं उपाय

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • भगवान विष्णु और गणेश जी की पूजा करें।

  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें।

  • व्यतिपात योग में काले तिल, अन्न या वस्त्र का दान शुभ माना जाता है।

  • दिन भर सात्विक भोजन और सकारात्मक विचार रखें।

निष्कर्ष

21 जनवरी 2026 का दिन माघ मास, शुक्ल पक्ष तृतीया और व्यतिपात योग के कारण आध्यात्मिक साधना, दान और जप के लिए उपयुक्त है। इस दिन श्रद्धा और नियम से किए गए धार्मिक कर्म जीवन में शांति, पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

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Published by Sri Mandir·January 13, 2026

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