
जानिए मार्च माह के बीसवें दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।
धार्मिक परंपराओं में तिथियों का विशेष महत्व बताया गया है। 20 मार्च 2026 की तारीख भी ऐसी ही एक तिथि है, जिसके बारे में जानने के लिए लोग पंचांग की ओर देखते हैं। इस दिन से जुड़े व्रत और धार्मिक पहलुओं को समझना भी कई लोगों के लिए जरूरी होता है। आइए जानते हैं 20 मार्च 2026 को क्या है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 20 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 20 मार्च 2026, शुक्रवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि है। इस दिन चन्द्र दर्शन, झूलेलाल जयन्ती और वसन्त सम्पात जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
चन्द्र दर्शन
अमावस्या के बाद पहली बार चंद्रमा के दर्शन को चन्द्र दर्शन कहा जाता है। इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
झूलेलाल जयन्ती
यह दिन भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। सिंधी समुदाय के लोग इस दिन विशेष पूजा, भजन और उत्सव मनाते हैं।
वसन्त सम्पात
वसन्त सम्पात वह समय होता है जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। यह वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
चंद्रमा के दर्शन कर पूजा करें और अर्घ्य अर्पित करें।
भगवान झूलेलाल की पूजा कर भजन और आरती करें।
घर में शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
20 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। चन्द्र दर्शन, झूलेलाल जयन्ती और वसन्त सम्पात के कारण यह दिन विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति से किए गए पूजा-पाठ, दान और अच्छे कार्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं।
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