20 दिसंबर 2026 को क्या है?
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20 दिसंबर 2026 को क्या है? | 20 December 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

20 दिसंबर 2026 को लेकर क्या खास है और इस दिन कौन-सी धार्मिक बातें ध्यान देने योग्य हैं? पूजा-पाठ, शुभ समय और दिन के महत्व से जुड़ी जरूरी जानकारी जानने के लिए आइए इस तारीख को आसान भाषा में समझते हैं।

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20 दिसंबर 2026 को क्या है?

क्या कभी आपने सोचा है कि कुछ दिन केवल तारीख नहीं होते, बल्कि पूजा, अनुशासन और आत्मिक शांति का संदेश भी लेकर आते हैं? 20 दिसंबर 2026, रविवार का दिन ऐसा ही खास माना जा सकता है। इस दिन मृगशिरा मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पड़ रही है, जो भक्ति, संयम और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। साथ ही अश्विनी नक्षत्र और हेमंत ऋतु का प्रभाव इस दिन को धार्मिक दृष्टि से जानने योग्य बनाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी – रात 8:15 PM तक
  • वार: रविवार
  • नक्षत्र: अश्विनी – दोपहर 2:56 PM तक
  • योग: परिघ – सुबह 8:10 AM तक
  • करण: वणिज – सुबह 9:15 AM तक
  • मास (अमांत): मृगशिरा
  • मास (पूर्णिमांत): मृगशिरा
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: धनु
  • चंद्र राशि: मेष
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पूर्व

त्यौहार व व्रत

एकादशी व्रत

शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भजन, मंत्र जाप और पूजा-पाठ करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा से किया गया व्रत मन को शांति और जीवन में सकारात्मकता लाने में सहायक होता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:35 AM से 12:17 PM
  • राहुकाल: 3:54 PM से 5:13 PM
  • गुलिक काल: 2:35 PM से 3:54 PM
  • यमघण्ट काल: 11:56 AM से 1:15 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:39 AM
  • सूर्यास्त: 5:13 PM
  • चंद्रोदय: 1:39 PM
  • चंद्रास्त: 2:21 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र पहनें।
  • भगवान विष्णु का ध्यान करें और दीपक जलाकर पूजा करें।
  • एकादशी व्रत रखने वाले फलाहार या नियम अनुसार उपवास कर सकते हैं।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करना पुण्यदायी माना जाता है।
  • दिनभर सात्विक विचार और संयम बनाए रखने का प्रयास करें।

निष्कर्ष

20 दिसंबर 2026 का दिन भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक चिंतन से जुड़ा माना जा सकता है। एकादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र और रविवार का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ और आत्मिक शांति के लिए विशेष बनाता है। श्रद्धा और नियम के साथ बिताया गया यह दिन मन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन ला सकता है।

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Published by Sri Mandir·June 2, 2026

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