17 अप्रैल 2026 को क्या है?
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17 अप्रैल 2026 को क्या है? | 17 April 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ समय। इस दिन के ग्रह-नक्षत्र, तिथि और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

आज के दिन के बारे में

17 अप्रैल 2026 एक ऐसा दिन है, जो अपने साथ कुछ खास धार्मिक और शुभ संकेत लेकर आता है। इस दिन बन रहे योग और तिथि पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े व्रत एवं त्योहार के बारे में।

17 अप्रैल 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 17 अप्रैल 2026 को कौन-कौन से व्रत, पर्व और पंचांग योग बन रहे हैं? 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार के दिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है (शाम 5:19 PM तक)। इस दिन वैशाख अमावस्या और दर्श अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व मनाए जाते हैं, जो पितरों की पूजा, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत खास माने जाते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष अमावस्या – शाम 5:19 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: रेवती – दोपहर 12:00 PM तक
  • योग: वैधृ – सुबह 7:21 AM तक
  • करण: चतुष्पद – सुबह 6:49 AM तक
  • मास (अमांत): चैत्र
  • मास (पूर्णिमांत): वैशाख
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मेष
  • चंद्र राशि: मीन
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

वैशाख अमावस्या

यह अमावस्या पितरों की शांति और तर्पण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान और पितृ पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

दर्श अमावस्या

दर्श अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान करना शुभ माना जाता है। इससे पितृ दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:34 AM से 12:24 PM
  • राहुकाल: 10:23 AM से 11:59 AM
  • गुलिक काल: 7:11 AM से 8:47 AM
  • यमघण्ट काल: 3:10 PM से 4:46 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:35 AM
  • सूर्यास्त: 6:22 PM
  • चंद्रोदय: 5:07 AM
  • चंद्रास्त: 6:22 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करें।
  • भगवान विष्णु और शिव का ध्यान कर पूजा-अर्चना करें।
  • जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी होता है।
  • दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करें और मन को शांत रखें।

17 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैशाख अमावस्या और दर्श अमावस्या के अवसर पर श्रद्धा और विधिपूर्वक पूजा, तर्पण और दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·April 17, 2026

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