1 मार्च 2026 को क्या है?
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1 मार्च 2026 को क्या है? | 1 March 2026 Ko Kya Hai

जानिए मार्च माह के पहले दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।

आज के दिन के बारे में

**1 मार्च 2026** का दिन धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एक प्रमुख तिथि पड़ती है, जिसका संबंध पूजा-पाठ और व्रत से जुड़ा माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान की आराधना और धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि लेते हैं।

1 मार्च 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 1 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 1 मार्च 2026, रविवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन प्रदोष व्रत बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने के लिए बेहद फलदायी माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – शाम 7:10 PM तक

  • वार: रविवार

  • नक्षत्र: पुष्य – सुबह 8:35 AM तक

  • योग: शोभन – दोपहर 2:33 PM तक

  • करण: कौलव – सुबह 7:54 AM तक

  • मास (अमांत): फाल्गुन

  • मास (पूर्णिमांत): फाल्गुन

  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: कुम्भ

  • चंद्र राशि: कर्क

  • ऋतु: शिशिर

  • अयन: उत्तरायण

  • दिशाशूल: पश्चिम

  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन किया गया व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति, समृद्धि और सुख-शांति के लिए फलदायी माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:48 AM से 12:34 PM

  • राहुकाल: 4:33 PM से 6:01 PM

  • गुलिक काल: 3:06 PM से 4:33 PM

  • यमघण्ट काल: 12:11 PM से 1:39 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:22 AM

  • सूर्यास्त: 6:01 PM

  • चंद्रोदय: 4:00 PM

  • चंद्रास्त: 4:52 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल पवित्र स्नान करें, विशेष रूप से नदी या तालाब में स्नान करने का महत्व अधिक माना जाता है।

  • भगवान शिव की विधिवत पूजा और मंत्र जाप करें।

  • प्रदोष व्रत का संकल्प लें और सत्य व संयम का पालन करें।

  • जरूरतमंदों को दान दें और घर में पवित्र वातावरण बनाएँ।

निष्कर्ष

1 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है। प्रदोष व्रत और भगवान शिव की पूजा इस दिन को विशेष बनाते हैं। श्रद्धा, संयम और दान के साथ किया गया व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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Published by Sri Mandir·February 27, 2026

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