
जानिए फरवरी माह के पहले दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व।
1 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जिसे माघ पूर्णिमा के रूप में श्रद्धा से मनाया जाता है। साथ ही इस दिन कई प्रमुख व्रत और पर्व भी आते हैं। इस लेख में जानिए 1 फरवरी 2026 को क्या है और इससे जुड़ी जरूरी जानकारियां।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 1 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 1 फरवरी 2026, रविवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन माघ पूर्णिमा, पूर्णिमा उपवास, गुरु रविदास जयंती, ललिता जयंती और थाई पूसम पर्व मनाए जाते हैं। यह दिन दान-पुण्य, स्नान और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
तिथि: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – रात 3:40 AM तक
वार: रविवार
नक्षत्र: पुष्य – रात 11:59 PM तक
योग: प्रीति – सुबह 10:18 AM तक
करण: विष्टि – शाम 4:46 PM तक
मास (अमांत): माघ
मास (पूर्णिमांत): माघ
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि: कर्क
ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
दिशाशूल: पश्चिम
चंद्र निवास: उत्तर
1. माघ पूर्णिमा
माघ पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है।
2. पूर्णिमा उपवास
पूर्णिमा का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है।
3. गुरु रविदास जयंती
यह दिन संत गुरु रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने समाज में समानता, प्रेम और भक्ति का संदेश दिया।
4. ललिता जयंती
ललिता जयंती देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की आराधना का पर्व है। इस दिन देवी की पूजा करने से सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
5. थाई पूसम
थाई पूसम दक्षिण भारत और तमिल समुदाय में श्रद्धा के साथ मनाया जाने वाला पर्व है, जो भगवान मुरुगन को समर्पित होता है।
शुभ मुहूर्त: 11:50 AM से 12:34 PM
राहुकाल: 4:20 PM से 5:43 PM
गुलिक काल: 2:58 PM से 4:20 PM
यमघंट काल: 12:12 PM से 1:35 PM
सूर्योदय: 6:42 AM
सूर्यास्त: 5:43 PM
चंद्रोदय: 5:10 PM
चंद्रास्त: 6:13 AM
प्रातःकाल पवित्र स्नान करें, विशेषकर नदी स्नान का महत्व अधिक माना जाता है।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें।
पूर्णिमा व्रत का संकल्प लें और सत्य व संयम का पालन करें।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
गुरु रविदास जी और देवी ललिता का स्मरण कर भक्ति भाव रखें।
1 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है। माघ पूर्णिमा, पूर्णिमा उपवास और विभिन्न धार्मिक पर्व इस दिन को विशेष बनाते हैं। श्रद्धा, दान और संयम के साथ किया गया पूजन इस दिन कई गुना फल प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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