सावन पहला सोमवार 2026
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सावन पहला सोमवार 2026

क्या आप भी कर रहे हैं सावन व्रत की तैयारी? जानिए 2026 में सावन का पहला सोमवार कब है और इस दिन पूजा का महत्व क्या है।

सावन के पहले सोमवार के बारे में

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और सोमवार का दिन शिव जी का विशेष दिन माना जाता है। इसलिए सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में सावन कब शुरू होगा और पहला सोमवार व्रत किस तारीख को रखा जाएगा।

सावन के सोमवार

हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहार और कल्याण के देवता माना जाता है। शिव भक्तों के लिए श्रावण मास बहुत ही पवित्र और शुभ होता है। यह महीना पूरी तरह शिवजी को समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि श्रावण के दौरान शिवजी धरती पर निवास करते हैं, इसलिए इस समय की गई पूजा और प्रार्थनाएं जल्दी फल देती हैं।

2025 में पहला सोमवार कब है? तारीख और मुहूर्त

सावन का पहला सोमवार "प्रथम श्रावणी सोमवार" कहलाता है और यह दिन हिंदू धर्म में बहुत खास माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और पूरे नियम से भगवान शिव की पूजा करते हैं। साल 2026 में सावन का पहला सोमवार 03 अगस्त, को पड़ेगा। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा भगवान शिव को बहुत प्रिय होती है और वे भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं।

03 अगस्त, 2026 सावन का पहला सोमवार

पहला सोमवार 2026: पूजा विधि, महत्व और नियम

1. प्रातःकाल उठकर स्नान करें

  • व्रत वाले दिन सुबह जल्दी (ब्रह्ममुहूर्त में) उठें।
  • स्नान के बाद साफ-सुथरे और हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
  • घर की साफ-सफाई कर पूजा स्थान को पवित्र करें।

2. व्रत का संकल्प लें

  • भगवान शिव का ध्यान करते हुए हाथ में जल, फूल और अक्षत (चावल) लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • संकल्प लेने के बाद व्रत की शुरुआत करें।

3. भगवान की मूर्ति या चित्र की स्थापना करें

  • घर के मंदिर या पूजा स्थान में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर रखें।
  • मूर्तियों को स्वच्छ जल से धोकर वस्त्र अर्पण करें।
  • पूजा स्थान को फूलों से सजाएं और दीपक जलाएं।

4. शिवलिंग का अभिषेक करें

  • पंचामृत तैयार करें
  • दूध, दही, शहद, शक्कर और घी – इन पांच चीज़ों को मिलाकर पंचामृत बनाएं।
  • सबसे पहले शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाएं।
  • फिर गंगाजल या साफ जल से शिवलिंग को स्नान कराएं।
  • अभिषेक करते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें।

5. पूजन सामग्री अर्पित करें

  • बेल पत्र, धतूरा, भांग, शमीपत्र
  • सफेद चंदन, अक्षत, फल, मिठाई।
  • धूप और दीप जलाकर चढ़ाएं।
  • फूलों से शिवलिंग को सजाएं।

6. मंत्र जाप करें

  • ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें।
  • इसके साथ ही शिव चालीसा, रुद्राष्टक, या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
  • शांत वातावरण में श्रद्धा और ध्यान से जाप करें।

पहले सोमवार व्रत का पौराणिक महत्व

सावन के पहले सोमवार को काफी शुभ माना जाता है, ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो मनोकामना मांगी जाती है वो जरूर पूरी होती है। इस दिन से जुड़े कई पौराणिक महत्व भी है-

1. समुद्र मंथन कथा

समुद्र मंथन में निकले विष से सृष्टि के नष्ट होने का डर था। भगवान शिव ने वह विष पीकर गले में रोक लिया, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। यह घटना सावन महीने में हुई, इसलिए सावन और सोमवार को शिव पूजा का खास महत्व है।

2. माता पार्वती की तपस्या

माता पार्वती ने शिव को पति बनाने के लिए सावन में कठोर व्रत किया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसलिए कुंवारी लड़कियां सावन सोमवार को अच्छा वर पाने के लिए व्रत रखती है

पहला सोमवार व्रत करने के लाभ

1. मन की इच्छाएं पूरी होती हैं

  • अगर सावन सोमवार का व्रत भक्ति और नियम से किया जाए, तो नौकरी, विवाह, संतान या सफलता जैसी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।

2. अच्छे पति की प्राप्ति (कुंवारी लड़कियों के लिए)

  • जैसे माता पार्वती ने शिव जी को पाने के लिए तप किया, वैसे ही लड़कियां यह व्रत अच्छे जीवनसाथी की कामना से रखती हैं। माना जाता है कि शिव जी योग्य वर का आशीर्वाद देते हैं।

3. शादीशुदा जीवन में सुख और शांति

  • जो महिलाएं शादी के बाद यह व्रत रखती हैं, उनके वैवाहिक जीवन में प्रेम, समझ और स्थिरता बनी रहती है। ऐसा भी माना जाता है कि इसे पति और पत्नी दोनों को रखना चाहिए।

4. सेहत में सुधार

  • भगवान शिव को स्वास्थ्य का देवता माना गया है। इस व्रत से पुराने रोगों से राहत और मन को शांति मिलती है। यदि किसी की कोई पुरानी बीमारी ठीक नहीं हो रही है तो उसमें भी सुधार होता है।

5. पापों से मुक्ति और मन की शुद्धता

  • श्रद्धा से किया गया यह व्रत पापों को दूर करता है और मन को शांत व साफ बनाता है। व्यक्ति का आध्यात्म में मन भी लगता है।

सावन के पहले सोमवार में क्या खाएं और क्या न खाएं?

क्या खाएं?

  • फल जैसे: सेब, केला, अंगूर, पपीता आदि
  • दूध, दही और छाछ
  • सूखे मेवे: बादाम, काजू, किशमिश, मखाने
  • साबूदाना की खिचड़ी, वड़ा या खीर

क्या न खाएं?

  • गेहूं, चावल, रोटी जैसे अनाज
  • प्याज और लहसुन
  • मांस, मछली और अंडा
  • साधारण नमक (सेंधा नमक की जगह न लें)
  • मैदा, बेसन

शिवजी को खुश करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए सावन का महीना बहुत खास माना जाता है। यह महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। माना जाता है कि सावन में शिवजी धरती पर रहते हैं, इसलिए इस समय भक्तों की जल्दी सुनते हैं।

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Published by Sri Mandir·July 30, 2026

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