
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
हर सुबह अपने साथ कुछ नए संकेत लेकर आती है, जिन्हें पंचांग के जरिए समझा जा सकता है। 27 मई के शुभ-अशुभ समय और राहुकाल की जानकारी यहां विस्तार से दी गई है। आइए देखते हैं 27 मई का पंचांग।
27 मई 2026 का दिन पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के अंतर्गत आता है और यह दिन बुधवार का है। आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति जैसे सभी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय तत्व शामिल हैं, जो दिन की प्रकृति और प्रभाव को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग शुभ-अशुभ समय जानने, धार्मिक कार्यों की योजना बनाने और दैनिक जीवन को व्यवस्थित करने के लिए किया जाता है।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी (सुबह 6:23 बजे तक) |
वार | बुधवार |
पूर्णिमांत मास | ज्येष्ठ |
अमांत मास | ज्येष्ठ |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | ग्रीष्म |
अयन | उत्तरायण |
सूर्योदय | 05:09 |
सूर्यास्त | 18:43 |
चंद्रोदय | 15:20 |
चंद्रास्त | 02:16 |
चंद्र राशि | कन्या |
चंद्र स्थिति | दक्षिण |
नक्षत्र | हस्त (सुबह 5:57 बजे तक) |
योग | व्यतिपात (रात 3:25 बजे तक) |
करण | विष्टि (सुबह 6:22 बजे तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:29 AM से 12:23 PM |
राहु काल | 11:56 AM से 01:38 PM |
गुलिक काल | 10:14 AM से 11:56 AM |
यमगंड काल | 06:51 AM से 08:33 AM |
दिशाशूल | उत्तर |
सूर्य राशि | वृष |
चंद्र राशि | कन्या |
आज की तिथि शुक्ल पक्ष एकादशी है, जो सुबह 6:23 बजे तक रहेगी। एकादशी तिथि का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है और इस दिन पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक कार्यों को शुभ माना जाता है।
आज बुधवार है, जो बुद्धि, संवाद और व्यापार से जुड़ा दिन माना जाता है। इस दिन सामान्य कार्यों के साथ-साथ शिक्षा और योजनाओं से जुड़े कार्य करना शुभ माना जाता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार ज्येष्ठ मास चल रहा है। यह मास धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
संवत्सर के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। भारतीय पंचांग में इन संवतों का विशेष महत्व होता है और इन्हीं के आधार पर पारंपरिक कालगणना की जाती है।
आज ग्रीष्म ऋतु चल रही है। यह ऋतु तेज धूप और बढ़ते तापमान का समय मानी जाती है, जिसमें सूर्य का प्रभाव अधिक रहता है।
अयन के अनुसार वर्तमान समय उत्तरायण है। उत्तरायण को शुभ काल माना जाता है और इस दौरान धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों का विशेष महत्व होता है।
आज सूर्योदय सुबह 5:09 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:43 बजे। ये समय दैनिक कार्यों और शुभ गतिविधियों की योजना बनाने में सहायक होते हैं।
चंद्रमा का उदय दोपहर 3:20 बजे और अस्त रात 2:16 बजे होगा। आज चंद्रमा कन्या राशि में स्थित है और इसका निवास दक्षिण दिशा में माना गया है। चंद्रमा की स्थिति व्यक्ति की मानसिक स्थिति और भावनात्मक संतुलन को प्रभावित करती है।
आज हस्त नक्षत्र सुबह 5:57 बजे तक रहेगा। हस्त नक्षत्र को कुशलता, रचनात्मकता और कार्यक्षमता का प्रतीक माना जाता है।
योग के रूप में आज व्यतिपात योग है, जो रात 3:25 बजे तक रहेगा। पंचांग में इस योग का विशेष महत्व माना जाता है और यह विभिन्न कार्यों के परिणामों को प्रभावित करता है।
करण विष्टि है, जो सुबह 6:22 बजे तक रहेगा। करण पंचांग का महत्वपूर्ण भाग होता है, जो कार्यों की सफलता और प्रकृति का संकेत देता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त 11:29 AM से 12:23 PM तक रहेगा। यह समय दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है और नए कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त होता है।
राहु काल: 11:56 AM से 01:38 PM
गुलिक काल: 10:14 AM से 11:56 AM
यमगंड काल: 06:51 AM से 08:33 AM
इन समयों में महत्वपूर्ण और नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है। इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए या आवश्यक होने पर शुभ उपाय करके यात्रा करनी चाहिए।
आज सूर्य वृष राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित हैं। ग्रहों की यह स्थिति दिन के ज्योतिषीय प्रभावों को निर्धारित करती है और व्यक्ति के निर्णयों तथा व्यवहार पर प्रभाव डाल सकती है।
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