आज का पंचांग 11 सितंबर 2026
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आज का पंचांग 11 सितंबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

10 सितंबर 2026 का पंचांग दिन की शुरुआत से ही शुभ और महत्वपूर्ण समयों की ओर संकेत करता है। आज पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य या किसी नई योजना की शुरुआत के लिए अनुकूल समय मिल सकता है।

आज का पंचांग 11 सितंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 11th September 2026

11 सितंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की अमावस्या और शुक्रवार का दिन है। अमावस्या के कारण आज के पंचांग में तिथि, चंद्रमा और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े पक्षों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। यदि आप पूजा-पाठ, पितृ स्मरण, यात्रा या किसी जरूरी कार्य के लिए समय तय कर रहे हैं, तो आज के पंचांग में दिए गए शुभ-अशुभ समय आपके लिए उपयोगी रहेंगे।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्या (8:57 AM तक)
वारशुक्रवार
पूर्णिमांत मासभाद्रपद
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:43
सूर्यास्त18:08
चंद्रोदय05:40
चंद्रास्त18:11
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी (1:17 PM तक)
योगसाध्य (5:02 PM तक)
करणनाग (8:58 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:31 AM से 12:19 PM
राहुकाल10:22 AM से 11:55 AM
गुलिक काल7:16 AM से 8:49 AM
यमघण्टकाल3:01 PM से 4:34 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिसिंह
चंद्र निवासपूर्व

अमावस्या तिथि और शुक्रवार का महत्व

आज कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 8:57 AM तक रहेगी। अमावस्या को हिंदू धार्मिक परंपराओं में विशेष तिथि माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, ध्यान, दान और पूर्वजों के स्मरण जैसी धार्मिक गतिविधियों का महत्व बताया गया है। तिथि के समाप्त होने के बाद दिन की पंचांग स्थिति में बदलाव आएगा।

आज शुक्रवार है, जिसे शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्र को सुख-सुविधा, सौंदर्य, प्रेम और कला से जोड़ा जाता है। इसलिए आज व्यक्तिगत जीवन, संबंधों और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े कार्यों में संतुलन और सकारात्मक सोच बनाए रखना अच्छा माना जा सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना के अनुसार श्रावण मास प्रभावी है। दोनों परंपराओं में मास की गणना अलग तरीके से होने के कारण पंचांग में दोनों मास का उल्लेख मिलता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। ये संवत भारतीय काल गणना की पारंपरिक प्रणालियों का हिस्सा हैं और पंचांग में तिथि की पहचान के लिए इनका उल्लेख किया जाता है।

वर्षा ऋतु और दक्षिणायन

आज वर्षा ऋतु का समय चल रहा है। इस मौसम में वातावरण में नमी और मौसम का परिवर्तन बना रह सकता है, इसलिए बाहर जाने या यात्रा की योजना बनाते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना उचित रहेगा।

अयन की दृष्टि से अभी दक्षिणायन चल रहा है। धार्मिक परंपराओं में इस अवधि को साधना, आत्मचिंतन और संयम से जोड़कर देखा जाता है। अमावस्या जैसे दिन के साथ यह पक्ष धार्मिक गतिविधियों के लिए विशेष महत्व रखता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:43 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:08 PM पर। दिन के प्रमुख कार्यों और पूजा-पाठ की योजना बनाते समय इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।

आज चंद्रोदय 5:40 AM पर तथा चंद्रास्त 6:11 PM पर होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा सिंह राशि में स्थित है और चंद्र निवास पूर्व दिशा में माना गया है। अमावस्या तिथि होने के कारण आज चंद्रमा की स्थिति पंचांग की दृष्टि से विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है।

पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र, साध्य योग और नाग करण

आज पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र 1:17 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र को आराम, रचनात्मकता, सामाजिक संबंधों और सुख-सुविधाओं से जुड़े विषयों के साथ जोड़ा जाता है। दोपहर के बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा।

आज साध्य योग 5:02 PM तक रहेगा। पंचांग में योग को दिन की शुभता और विभिन्न कार्यों के समय निर्धारण के लिए अन्य गणनाओं के साथ देखा जाता है।

नाग करण 8:58 AM तक रहेगा। करण तिथि के एक हिस्से को दर्शाता है और दैनिक पंचांग में किसी दिन की समय संबंधी गणना को समझने में इसकी भी भूमिका होती है।

आज के शुभ और अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त 11:31 AM से 12:19 PM तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं में इस अवधि को कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

दिन के प्रमुख अशुभ माने जाने वाले समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 10:22 AM से 11:55 AM

  • गुलिक काल: 7:16 AM से 8:49 AM

  • यमघण्टकाल: 3:01 PM से 4:34 PM

महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते समय इन अवधियों को ध्यान में रखना पारंपरिक पंचांग मान्यता का हिस्सा है। विशेष रूप से किसी नए कार्य के लिए समय चुनते हुए शुभ मुहूर्त और अशुभ काल के बीच का अंतर देखना उपयोगी रहेगा।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पश्चिम दिशा की यात्रा करते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। यदि इस दिशा में यात्रा जरूरी हो, तो व्यक्ति अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार उपाय कर सकता है।

आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा भी सिंह राशि में स्थित हैं। दोनों की राशि स्थिति आज के पंचांग की महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारी में शामिल है। चंद्रमा का निवास पूर्व दिशा में माना गया है।

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Published by Sri Mandir·September 10, 2026

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