
क्या आप जानना चाहते हैं कि शीतला सप्तमी 2026 में कब मनाई जाएगी और इसका धार्मिक महत्व क्या है? इस लेख में जानिए शीतला सप्तमी की सही तिथि, माता शीतला की पूजा का महत्व और इस दिन किए जाने वाले व्रत व परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
शीतला सप्तमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है, जो माता शीतला की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह मुख्य रूप से होली के बाद आने वाली सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग माता शीतला से रोगों, विशेषकर चेचक और संक्रमण से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। परंपरा के अनुसार इस दिन बासी या ठंडा भोजन ग्रहण किया जाता है और घरों में स्वच्छता तथा शांति बनाए रखने का विशेष महत्व माना जाता है।
शीतला सप्तमी होली पर्व के ठीक सात दिन बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माता दुर्गा के स्वरूप माँ शीतला की उपासना की जाती है। और शीतला अष्टमी के दिन उन्हें बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। यह व्रत संतानवती स्त्रियां प्रमुख रूप से अपनी संतान के उत्तम स्वास्थ्य व उनकी दीर्घायु की कामना के लिए करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्ण आस्था से शीतला मां की उपासना करने से संतान को उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु प्राप्त होती है, और उनके सारे कष्ट दूर होते हैं।
शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है और इसे बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है।
हमारी शुभकामनाएँ है कि शीतला सप्तमी का यह व्रत आप सभी जातकों को बेहद शुभ फल प्रदान करे, और आप सभी पर माता शीतला की अपार कृपा सदैव बनी रहे। आप सभी ऐसी ही व्रत, पर्व एवं त्यौहारों से जुड़ी सम्पूर्ण धार्मिक जानकारियों के लिए आगे भी जुड़े रहिए 'श्री मंदिर' के साथ इस धार्मिक मंच पर।
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