फाल्गुन पूर्णिमा व्रत कब है 2026
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत कब है 2026

क्या आप जानना चाहते हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा व्रत 2026 में कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है? इस लेख में जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त, व्रत-विधि, स्नान-दान का महत्व और इस दिन भगवान Vishnu तथा Krishna की पूजा से मिलने वाले शुभ फल – सब कुछ सरल और स्पष्ट भाषा में।

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत के बारे में

हिंदू कैलेंडर में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। उत्तर भारत में इसे पूर्णिमा, दक्षिण भारत में पौर्णमी और गुजरात में पूनम के नाम से जाना जाता है। पूर्णिमा तिथि पर सदैव कोई विशेष पर्व या जयन्ती मनाई जाती है। इसके अतिरिक्त, कई परिवार पारंपरिक रूप से इस दिन उपवास रखते हैं। यह तिथि सत्य नारायण पूजा के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फाल्गुन पूर्णिमा तिथि और मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व 3 मार्च 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे होगा और यह तिथि 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी। चंद्रोदय का समय 6:21 PM पर होगा, जो इस दिन के स्नान और पूजा के मुहूर्त के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन होलिका दहन और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए बेहद शुभ होता है, जिससे जीवन में समृद्धि और शांति का आगमन होता है।

  • सूर्योदय का समय: सुबह 06:44 बजे
  • सूर्यास्त का समय: शाम 06:22 बजे
  • चंद्रोदय का समय: शाम 06:21 बजे

महत्वपूर्ण मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:05 बजे से 05:55 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से 03:16 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:20 बजे से 06:44 बजे तक

यह समय विशेष रूप से पूजा, व्रत और दान के लिए महत्वपूर्ण है और इन मुहूर्तों का पालन करने से धार्मिक कार्यों में विशेष लाभ और पुण्य की प्राप्ति होती है।

फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर की आखिरी पूर्णिमा तिथि होती है, इसलिए इस दिन उपवास का पालन करना एक महत्वपूर्ण परंपरा है। यह दिन विशेष रूप से होली के उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो आनंद और उल्लास का प्रतीक होता है। फाल्गुन पूर्णिमा को लक्ष्मी जयन्ती के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन देवी लक्ष्मी का जन्म हुआ था, जिससे यह दिन सम्पत्ति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

वसन्त पूर्णिमा और ऋतु परिवर्तन

फाल्गुन पूर्णिमा को वसन्त पूर्णिमा भी कहा जाता है, क्योंकि यह दिन वसन्त ऋतु के आगमन का प्रतीक होता है। हालांकि, समय के साथ ऋतु परिवर्तन के कारण हिंदू पर्व अब सही ऋतु से जुड़े नहीं रहते हैं। पृथ्वी के ध्रुवों के परिभ्रमण में हुए बदलाव ने यह स्थिति उत्पन्न की है। फिर भी, पर्वों का नाम उस ऋतु से जोड़ा जाता है जिसमें वे मनाए जाते हैं।

दक्षिण भारतीय राज्यों में फाल्गुन पूर्णिमा

फाल्गुन पूर्णिमा को दक्षिण भारत में "काम दहनम्" के रूप में मनाया जाता है। यह उत्सव उत्तर भारत के होलिका दहन के समान है, लेकिन इसकी पौराणिक कथा अलग है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटका में इसे कमान पंडिगई और कमुनि पांडुगा के नाम से मनाया जाता है।

पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में डोल पूर्णिमा

वहीं, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में फाल्गुन पूर्णिमा को डोल पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह उत्सव भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिसमें कृष्ण की शोभायात्रा निकाली जाती है और भक्त उनके साथ होली खेलते हैं।

गौड़ीय ब्राह्मणों के लिए महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चैतन्य महाप्रभु का जन्मदिवस भी होता है, जो विशेष रूप से गौड़ीय ब्राह्मणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन की पूजा और भक्ति से आध्यात्मिक उन्नति और शांति की प्राप्ति होती है। इस प्रकार, फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व विभिन्न रीति-रिवाजों और मान्यताओं से जुड़ा एक बहुत महत्वपूर्ण और पवित्र दिन है, जो विभिन्न भारतीय क्षेत्रों में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

तामसिक भोजन से बचें: फाल्गुन पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस दिन केवल सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए। इससे शरीर और मन दोनों में शांति और शुद्धता बनी रहती है। काले रंग के कपड़े न पहनें: इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसके बजाय हल्के, शुभ और सकारात्मक रंग पहनना बेहतर रहता है। ब्रह्मचर्य का पालन करें: ब्रह्मचर्य का पालन इस दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह मानसिक और शारीरिक शुद्धता को बनाए रखने में सहायक है। ब्रह्मचर्य का अर्थ केवल संयम नहीं है, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मानसिक शक्ति को बढ़ाना भी है। इस दिन संयमित रहकर आप पूजा और व्रत के अधिक फल प्राप्त कर सकते हैं। दान करें: फाल्गुन पूर्णिमा के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन अन्न, धन, वस्त्र, या अन्य जरूरतमंद चीजों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

फाल्गुन पूर्णिमा पर स्नान और दान की विधि

फाल्गुन पूर्णिमा का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन विशेष पुण्य की प्राप्ति के लिए स्नान और दान करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि ग्रहण की स्थिति हो तो भी इस दिन के पुण्य का लाभ प्राप्त किया जा सकता है, बशर्ते तिथि के महत्व को ध्यान में रखते हुए उचित विधियों का पालन किया जाए।

गंगाजल से स्नान करें: यदि पवित्र नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर स्नान करते समय जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी उत्तम माना जाता है। यह विशेष रूप से लाभकारी होता है क्योंकि गंगाजल से शुद्धि और पवित्रता प्राप्त होती है। दान विधि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन किए गए दान से व्यक्ति को बहुत बड़ा पुण्य मिलता है।यदि पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण हो तो ग्रहण के समाप्त होने के बाद दान करना विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है। सफेद वस्तुएं दान करें: इस दिन सफेद रंग की वस्तुओं का दान करना उत्तम रहता है। आप चावल, दूध, दही, सफेद वस्त्र या अन्य सफेद सामग्री का दान कर सकते हैं। इस दिन दान किए जाने से चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, और जीवन में आने वाली बाधाएं और दोष कम होते हैं। दान के दौरान मंत्र का उच्चारण करें: ग्रहण के समय का ध्यान रखें यदि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण हो, तो विशेष ध्यान रखें कि ग्रहण के बाद ही दान करना सबसे फलदायी होता है। ग्रहण के समय साधना और ध्यान की स्थिति में रहना चाहिए और उसके बाद दान करने से पुण्य का दोगुना लाभ प्राप्त होता है।

divider
Published by Sri Mandir·March 3, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook