30 अप्रैल 2026 को क्या है?
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30 अप्रैल 2026 को क्या है? | 30 April 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त।

आज के दिन के बारे में

क्या 30 अप्रैल 2026 सिर्फ महीने का आखिरी दिन है… या इसमें छिपा है कुछ खास? पंचांग के अनुसार यह दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं इस दिन की खासियत।

30 अप्रैल 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 30 अप्रैल 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों खास है? 30 अप्रैल 2026, गुरुवार के दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है (रात 9:14 PM तक)। इस दिन नरसिंह जयंती और छिन्नमस्ता जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं, जो भक्ति, साधना और शक्ति उपासना के लिए अत्यंत विशेष माने जाते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – रात 9:14 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: चित्रा – रात 2:17 AM तक
  • योग: वज्र – रात 8:55 PM तक
  • करण: गर – सुबह 8:30 AM तक
  • मास (अमांत): वैशाख
  • मास (पूर्णिमांत): वैशाख
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मेष
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्योहार व व्रत

नरसिंह जयंती

यह दिन भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान नरसिंह की पूजा करने से भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा भक्तों को संरक्षण और शक्ति प्राप्त होती है।

छिन्नमस्ता जयंती

यह दिन दस महाविद्याओं में से एक छिन्नमस्ता देवी को समर्पित है। इस दिन देवी की पूजा करने से साहस, आत्मबल और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:30 AM से 12:22 PM
  • राहुकाल: 1:34 PM से 3:12 PM
  • गुलिक काल: 8:40 AM से 10:18 AM
  • यमघण्ट काल: 5:24 AM से 7:02 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:24 AM
  • सूर्यास्त: 6:29 PM
  • चंद्रोदय: 5:24 PM
  • चंद्रास्त: 4:13 AM

इस दिन का महत्व

वैशाख मास की शुक्ल चतुर्दशी तिथि अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिन चित्रा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बन रहा है, जो शक्ति साधना और विशेष पूजा के लिए उपयुक्त समय माना जाता है। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और गुरु की पूजा का भी विशेष महत्व है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान नरसिंह और छिन्नमस्ता देवी का ध्यान करें।
  • व्रत रखकर दिनभर भक्ति और जप करें।
  • मंदिर जाकर दीप जलाएं और आराधना करें।
  • जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • दिनभर सकारात्मक सोच रखें और धार्मिक कार्यों में भाग लें।

30 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी है। नरसिंह जयंती और छिन्नमस्ता जयंती जैसे पावन पर्व इस दिन को खास बनाते हैं। श्रद्धा और भक्ति से किए गए व्रत और पूजा से जीवन में सुख, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·April 9, 2026

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