27 सितंबर 2026 को क्या है?
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27 सितंबर 2026 को क्या है? | 27 September 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे

हर दिन का पंचांग विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी जाती है। 27 सितंबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व क्या है और कौन-से कार्य इस दिन करना लाभकारी माना गया है, आइए जानते हैं।

27 सितंबर 2026 को क्या है?

कई लोग पूर्णिमा के बाद आने वाले पहले दिन को आत्मचिंतन और मन की शांति से जोड़कर देखते हैं। 27 सितंबर 2026 का दिन भी इसी भावना के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन कृष्ण पक्ष की शुरुआत होगी और अश्विन मास का प्रवेश भी माना जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय धीरे-धीरे भीतर की स्थिरता और संयम की ओर बढ़ने का संकेत देता है। पूजा-पाठ, ध्यान और दान जैसे कार्य इस दिन विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – रात 8:59 PM तक
  • वार: रविवार
  • नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद – सुबह 11:09 AM तक
  • योग: वृद्धि – सुबह 11:17 AM तक
  • करण: बालव – सुबह 9:40 AM तक
  • मास (अमांत): भाद्रपद
  • मास (पूर्णिमांत): अश्विन
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: मीन
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा

यह तिथि पूर्णिमा के बाद आने वाली पहली तिथि होती है, जिसे नए चंद्र पक्ष की शुरुआत माना जाता है। इस दिन कई लोग भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव की पूजा कर नए पक्ष की मंगल शुरुआत करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन शांत मन से पूजा और ध्यान करने से मानसिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

अश्विन मास का आरंभ

पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार इस दिन से अश्विन मास की शुरुआत मानी जाती है। हिंदू धर्म में अश्विन मास का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी माह में आगे चलकर शारदीय नवरात्रि और कई प्रमुख धार्मिक पर्व आते हैं। इसलिए यह दिन आध्यात्मिक तैयारी और पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:26 AM से 12:14 PM राहुकाल: 4:20 PM से 5:50 PM गुलिक काल: 2:50 PM से 4:20 PM यमघण्ट काल: 11:50 AM से 1:20 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:49 AM सूर्यास्त: 5:50 PM चंद्रोदय: 6:05 PM चंद्रास्त: 6:11 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव का ध्यान करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें।
  • धार्मिक ग्रंथों का पाठ और ध्यान करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न या वस्त्र दान करें।
  • शाम के समय चंद्र दर्शन कर मन की शांति और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
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Published by Sri Mandir·May 22, 2026

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