25 सितंबर 2026 को क्या है?
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25 सितंबर 2026 को क्या है? | 25 September 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अपने आप में विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी जाती है। 25 सितंबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और पूजा-पाठ व शुभ कार्यों के लिए कौन-सा समय उत्तम माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

25 सितंबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 25 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो रात 11:08 PM तक रहेगी। इस दिन शतभिषा नक्षत्र और शूल योग का विशेष संयोग बन रहा है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है, इसलिए यह दिन सुख-समृद्धि और मानसिक शांति की कामना के लिए शुभ माना जा सकता है। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आत्मिक चिंतन के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – रात 11:08 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: शतभिषा – सुबह 11:23 AM तक
  • योग: शूल – दोपहर 2:51 PM तक
  • करण: गर – सुबह 11:14 AM तक
  • मास (अमांत): भाद्रपद
  • मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: कुम्भ
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पश्चिम

दिन का धार्मिक महत्व

शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व रहता है। शतभिषा नक्षत्र को आध्यात्मिक सोच और आत्ममंथन से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन शांत मन से पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया जा सकता है। कई लोग इस दिन घर में दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना भी करते हैं।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:26 AM से 12:14 PM राहुकाल: 10:20 AM से 11:50 AM गुलिक काल: 7:19 AM से 8:49 AM यमघण्ट काल: 2:51 PM से 4:22 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:48 AM सूर्यास्त: 5:52 PM चंद्रोदय: 5:00 PM चंद्रास्त: 4:16 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव और माता लक्ष्मी का ध्यान करके पूजा आरंभ करें।
  • घर के मंदिर में दीपक और धूप जलाएं।
  • शिव मंत्र या लक्ष्मी मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
  • शाम के समय आरती कर परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

निष्कर्ष

25 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। शुक्ल पक्ष चतुर्दशी, शतभिषा नक्षत्र और शुक्रवार का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, दान और सकारात्मक चिंतन के लिए विशेष बनाता है।

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Published by Sri Mandir·May 22, 2026

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