20 अगस्त 2026 को क्या है?
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20 अगस्त 2026 को क्या है? | 20 August 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अलग होता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी दी जाती है। 20 अगस्त 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

20 अगस्त 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 20 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से क्यों खास माना जा रहा है? 20 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पड़ रही है। इस दिन इंद्र योग और विशाखा नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ, आध्यात्मिक साधना और शुभ कार्यों के लिए मंगलकारी माना जाता है। श्रावण मास में आने वाला यह दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव और गुरु बृहस्पति की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी – रात 9:20 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • **नक्षत्र: **विशाखा – सुबह 9:09 AM तक
  • योग: इंद्र – सुबह 4:26 AM तक
  • करण: विष्टि – सुबह 8:17 AM तक
  • मास (अमांत): श्रावण
  • मास (पूर्णिमांत): श्रावण
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: सिंह
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: उत्तर

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:37 AM से 12:27 PM राहुकाल: 1:39 PM से 3:16 PM गुलिक काल: 8:48 AM से 10:25 AM यमघण्ट काल: 5:34 AM से 7:11 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:34 AM सूर्यास्त: 6:30 PM चंद्रोदय: 12:39 PM चंद्रास्त: 11:15 PM

धार्मिक महत्व

श्रावण मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि धार्मिक दृष्टि से शुभ मानी जाती है। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व रहता है। इंद्र योग और विशाखा नक्षत्र का प्रभाव इस दिन को पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अनुकूल बनाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा करने पर मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु, शिव और गुरु बृहस्पति का स्मरण करें।
  • भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।
  • शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
  • घी का दीपक जलाकर मंत्र जाप और आरती करें।
  • जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान देना शुभ माना जाता है।
  • दिनभर सात्विक भोजन करें और सकारात्मक विचार बनाए रखें।

निष्कर्ष

20 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रावण मास, अष्टमी तिथि और इंद्र योग का शुभ संयोग इस दिन को पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·May 19, 2026

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