11 जुलाई 2026 को क्या है?
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11 जुलाई 2026 को क्या है? | 11 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी के कारण विशेष महत्व रखता है। 11 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

11 जुलाई 2026 को क्या है?

इस बार की 11 जुलाई 2026 की एकादशी खास इसलिए भी है क्योंकि यह शनिवार के दिन पड़ रही है और इसे योगिनी एकादशी के रूप में मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। ग्रह-नक्षत्र भी इस दिन को आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली बना रहे हैं। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े व्रत, त्योहार एवं धार्मिक महत्व।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी – 5:23 AM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: कृतिका – 11:04 AM तक
  • योग: गंड – 12:06 AM तक
  • करण: बालव – 5:22 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:37 AM से 12:31 PM
  • राहुकाल: 8:40 AM से 10:22 AM
  • गुलिक काल: 5:16 AM से 6:58 AM
  • यमघण्ट काल: 1:46 PM से 3:28 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:16 AM
  • सूर्यास्त: 6:53 PM
  • चंद्रोदय: 1:34 AM
  • चंद्रास्त: 3:53 PM

धार्मिक महत्व

11 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है, जिसे पापों के नाश और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। कृतिका नक्षत्र को तेज, ऊर्जा और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है, जबकि गंड योग को साधना और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा, तिल का दान और गरीबों की सेवा करने से विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और शनिदेव का ध्यान कर पूजा करें।
  • योगिनी एकादशी का व्रत संकल्प लेकर उपवास रखें।
  • भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।
  • शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल चढ़ाएं।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और तिल का दान करें।
  • शाम के समय दीपक जलाकर आरती करें।

निष्कर्ष

11 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। योगिनी एकादशी, कृतिका नक्षत्र और गंड योग का संयोग इस दिन को विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत, पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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