10 अगस्त 2026 को क्या है?
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10 अगस्त 2026 को क्या है? | 10 August 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अलग होता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी दी जाती है। 10 अगस्त 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

10 अगस्त 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 10 अगस्त 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास माना जाता है? 10 अगस्त 2026, सोमवार के दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। यह दिन प्रदोष व्रत और श्रावण सोमवार व्रत के कारण भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन शिव पूजा, व्रत और अभिषेक करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी – सुबह 8:02 AM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: आर्द्रा – दोपहर 12:27 PM तक
  • योग: वज्र – रात 10:27 PM तक
  • करण: तैतिल – सुबह 8:01 AM तक
  • मास (अमांत): आषाढ़
  • मास (पूर्णिमांत): श्रावण
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कर्क
  • चंद्र राशि: मिथुन
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत माना जाता है। यह त्रयोदशी तिथि के आसपास सूर्यास्त के समय किया जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

श्रावण सोमवार व्रत

श्रावण मास के सोमवार को किया जाने वाला यह व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। यह व्रत दांपत्य जीवन, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:38 AM से 12:30 PM राहुकाल: 7:09 AM से 8:47 AM गुलिक काल: 1:43 PM से 3:21 PM यमघण्ट काल: 10:26 AM से 12:04 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:30 AM
  • सूर्यास्त: 6:38 PM
  • चंद्रोदय: 2:26 AM
  • चंद्रास्त: 4:51 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, दही और बेलपत्र अर्पित करें।
  • प्रदोष काल में दीप जलाकर आरती करें।
  • दिनभर उपवास रखें और फलाहार करें।
  • शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

10 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। प्रदोष व्रत और श्रावण सोमवार का संयोग इस दिन को विशेष बना देता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई शिव आराधना जीवन में बाधाओं को दूर कर सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती है।

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Published by Sri Mandir·May 18, 2026

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