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महाशिवरात्रि केवल शिव उपासना का पर्व नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन की सबसे पावन रात्रि है।26 फ़रवरी को महाशिवरात्रि पर त्रियुगीनारायण में शिव-पार्वती विवाह कथा एवं हवन आहुति में भाग लें और सौभाग्य प्राप्त करें!।
शास्त्रों के अनुसार, माँ पार्वती ने कठोर तपस्या कर शिव जी को पति रूप में प्राप्त किया और त्रियुगीनारायण में विवाह किया।
🚩 त्रियुगीनारायण कथा क्यों?
- सौभाग्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति।
- दांपत्य जीवन में प्रेम और स्थिरता।
- विवाह संबंधी दोषों और बाधाओं से मुक्ति।
🚩 कथा कैसे होगी?
- 26 फरवरी को कथा आयोजन होगा।
- पुरोहित नाम संकल्प से कथा पढ़ेंगे।
- कथा का वीडियो प्रदान किया जाएगा।
शिव कृपा प्राप्त करें!