होली खेलते समय रखें ये सावधानियां

होली खेलते समय रखें ये सावधानियां

रखें इन बातों का विशेष ध्यान


होली पर इन रंगों से करें देवी-देवताओं को प्रसन्न (Please Your Gods and Goddesses With These Holi colors)

साल 2024 में 25 मार्च को पूरे देश में रंगों का त्यौहार होली खेली जाएगी। प्यार और रंगों का यह त्यौहार भारत के लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। जहां इस अवसर पर सभी एक दूसरे को रंग लगा कर ये त्यौहार मानते हैं वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सभी देवी-देवताओं का अपना विशेष प्रिय रंग होता है। आज हम आपके लिए अलग-अलग रंगों के महत्व के अनुसार जानकारी लेकर आये हैं। आप सभी होली के उत्सव में डूबने से पहले अपने इष्ट भगवान को अबीर गुलाल और रंग चढ़ाकर उनका आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें। साथ ही होली पर रंग खेलते समय कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान भी अवश्य रखें। इस लेख में हम आपको बतायेंगे देवी-देवताओं के प्रिय रंग कौनसे हैं साथ ही जानेंगे होली खेलते समय क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

आइये जानते हैं होली के इस शुभ अवसर पर भगवान जी के लिए रंगों का चयन कैसे करें ?

श्री हरि विष्णु नारायण विष्णु एवं उनके परम अवतार श्री कृष्ण को पीताम्बरधारी कहा जाता है। शास्त्रों में भी वर्णित है कि पीला रंग श्री विष्णु को अत्यंत प्रिय है। ऐसे में उन्हें पीले रंग के वस्त्र पहनाएं और उनके चरणों में पीले रंग का अबीर अर्पित करें।

देवी मां दुर्गा, लक्ष्‍मी माता और हनुमानजी को लाल रंग सर्वाधिक प्रिय माना जाता है। अतः इन सभी को लाल रंग के वस्‍त्र भेंट किए जाते हैं एवं हनुमान जी को लाल रंग का चोला चढ़ाया जाता है। होली के अवसर पर आप इन्हें लाल रंग का गुलाल अर्पित करें।

भगवान शिव भगवान भोलेनाथ को होली के दिन उनके नीले स्‍वरूप के अनुसार नीले रंग का गुलाल अर्पित करें।

देवी बगलामुखी माँ बगलामुखी का प्रिय रंग पीला माना जाता है अतः इन्हें पीले रंग का अबीर अर्पित करें।

सूर्यदेव आदित्य नारायण सूर्यदेव का सर्वाधिक प्रिय रंग लाल माना जाता है। अतः इन्हें लाल रंग का गुलाल अर्पित करें।

शनि देव शनि देव का प्रिय रंग नीला या काला माना जाता है। होली के दिन आप शनिदेव को नीला या काला रंग लगाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें।

श्री गणेश भगवान गणेश की पूजा में लाल रंग के सिंदूर का प्रयोग अत्यंत शुभ माना जाता है। अतः होली के अवसर पर भगवान गणेश को लाल गुलाल या लाल सिंदूर भी अर्पित किया जा सकता है और इसके साथ बप्पा को बूंदी के लड्डू का भोग अवश्य लगाएं।

माता सरस्वती ज्ञान एवं विद्या की देवी मां सरस्‍वती का प्रिय रंग सफेद माना जाता है अतः उन्हें सफ़ेद रंग के फूल चढ़ाएं और साथ ही उन्हें पीले या ला रंग का गुलाल भी अर्पित करें।

होली खेलने का सबसे अच्छा तरीका (Precautions and Safety Tips To Play Holi )

रंगों से भरे होली के सुन्दर त्यौहार का इंतजार अब लगभग ख़त्म होने वाला है। होली पर रंगों के उपयोग से हमारी त्वचा पर कुछ बुरे प्रभाव हो सकते हैं। इसीलिए आज हम आपको होली से जुड़ी कुछ विशेष सावधानियों के बारे में बतायेंगे जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए। ताकि होली खेलते समय आपके रंग में भंग न पड़ें, और आप सुरक्षित होली का आनंद लें सकें।

सुरक्षित रूप से होली खेलते समय अपनाएं ये 8 सावधानियां -

जितना संभव हो ऑर्गेनिक तरीके से निर्मित रंगों और गुलाल का उपयोग करें। आजकल बिकने वाले रंगों में कुछ कैमिकल्स भी मिलें हो सकते हैं। रंगों से खेलने से पहले ही अच्छी तरह मॉइचराइजिंग लोशन या नारियल का तेल त्वचा पर लगाएं। यह आपकी त्वचा को सुरक्षित रखेगा साथ ही इससे रंग को छुड़ाना भी आसान होगा। होली खेलने के दौरान अपनी आंखों को हानिकारक रंगों से सुरक्षित रखने के लिए धूप के चश्में का इस्तेमाल करें। आप अपने बालों और सिर की त्वचा की सुरक्षा के लिए होली खेलने से पहले ही अपने बालों में तेल लगा सकते हैं या कैप पहनकर उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं। अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो होली खेलने से पहले उन्हें याद से निकाल दें, क्योंकि रंगों के साथ यह आपकी आँखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। होली पर भांग या अल्कोहल आदि के प्रयोग से बचें क्योंकि इसके अधिक सेवन से आपको नशे या डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। होली पर यात्रा करने से बचें, फिर भी यदि आपको यात्रा करनी पड़े तो अपनी कार चलाते समय शीशों को बंद रखें और मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट का उपयोग जरूर करें। ध्यान रखें कि होली हम इंसानों का त्यौहार है। किसी भी गाय, कुत्ते, बिल्ली आदि जानवरों पर रंग न लगाएं। कैमिकल्स से भरे ये रंग उन्हें जीवन भर के लिए अंधेपन, फेफड़ें और गले में संक्रमण जैसे भयानक रोग दे सकते हैं।

होली में पक्का रंग कैसे छुड़ाएं? ( Tips To Get Rid Of Dark Holi Colour ?)

होली के बाद हम सभी को रंग छुड़ाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसी मेहनत को बेहद कम कर देने वाले कुछ खास उपायों के साथ हम लेकर आये हैं ये छोटा सा लेख।

तो इन 8 उपायों को ध्यान में रखते हुए जी भर के होली खेलें और रंगों के साइड इफेक्ट से भी बचें।

सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि होली खेलने से पहले ही अच्छी तरह मॉइचराइजिंग लोशन या नारियल का तेल त्वचा पर लगा लें। यह आपकी त्वचा को सुरक्षित रखेगा साथ ही रंग को छुड़ाना भी आसान कर देगा। रंग लगने से पहले ही अपने बालों पर भी तेल लगा लें, ताकि रंग सीधे ही आपके बालों पर न लगे। ध्यान दें कि होली खेलने के बाद नहाते समय कठोर साबुन का उपयोग न करें। इससे आपको त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। रंग छुड़ाते समय आप अपने बालों को दही से मलकर धोएं। यह आपके बालों को रंग के कुप्रभाव से भी बचाएगा।
रंग आपके चेहरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आप चेहरे पर शहद के साथ नींबू का रस मिलाकर लगाएं। आप बेसन, हल्दी एवं दही का एक प्राकृतिक फेस पैक बनाकर चेहरे पर लगाएं और इसे पंद्रह मिनट बाद धोलें। आप खीरे के रस, गुलाब जल एवं सिरके के पेस्ट को भी अपना चेहरा साफ करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
अगर आपको होली खेलने के दौरान या बाद में त्वचा पर जलन या आँखों में धुंधलापन महसूस हो या सांस लेने में कठिनाई हो तो तुरंत किसी नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें।

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