
इस लेख में आप जानेंगे राष्ट्रगान की पूरी और शॉर्ट वर्जन की समय-सीमा, साथ ही इसे गाने के जरूरी नियम और महत्व।
राष्ट्रगान शुरू होते ही हर कोई सम्मान में खड़ा हो जाता है, लेकिन बहुत कम लोग ध्यान देते हैं कि यह कितनी देर चलता है और इसकी निर्धारित अवधि क्यों तय की गई है। इस लेख में जानिए राष्ट्रगान की सही अवधि, कब पूरा गाया जाता है, कब छोटा संस्करण मान्य होता है और इससे जुड़े जरूरी नियम।
भारत का राष्ट्रगान हर भारतीय के लिए सम्मान और गर्व का प्रतीक है। जब भी राष्ट्रगान बजता है, तो सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाते हैं। यह गीत हमें देश की एकता, अखंडता और आत्मसम्मान की याद दिलाता है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि राष्ट्रगान कितने सेकंड का होता है और इसे गाने या बजाने के क्या नियम हैं। इस लेख में हम इसी विषय को सरल भाषा में समझेंगे।
राष्ट्रगान हमें यह याद दिलाता है कि हम सभी एक देश के नागरिक हैं। यह गीत हमें आपसी भेदभाव भूलकर देश के प्रति समर्पण का भाव सिखाता है। 52 सेकंड का यह गीत पूरे देश को एक सूत्र में बांधने की शक्ति रखता है।
भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन” पूरे 52 सेकंड का होता है, जबकि इसका छोटा रूप लगभग 20 सेकंड का होता है। राष्ट्रगान केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। इसे पूरे सम्मान और गरिमा के साथ सुनना और गाना हर भारतीय का कर्तव्य है।
भारत का राष्ट्रगान “जन गण मन” है। इसकी रचना महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। इसकी रचना महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। यह गीत पहली बार वर्ष 1911 में गाया गया था। बाद में, आज़ादी के बाद 24 जनवरी 1950 को “जन गण मन” को आधिकारिक रूप से भारत का राष्ट्रगान घोषित किया गया।
भारत के राष्ट्रगान “जन गण मन” की पूरी अवधि 52 सेकंड होती है। जब राष्ट्रगान को पूरा गाया या बजाया जाता है, तो इसे 52 सेकंड में ही पूरा करना होता है। यही समय आधिकारिक और मान्य माना गया है। सरल शब्दों में कहा जाए, तो -
कई बार राष्ट्रगान का छोटा रूप भी बजाया जाता है। यह छोटा संस्करण लगभग 20 सेकंड का होता है। इसे विशेष परिस्थितियों में ही बजाया जाता है, जैसे....
हालांकि, सामान्य और औपचारिक कार्यक्रमों में 52 सेकंड वाला पूरा राष्ट्रगान ही बजाया जाता है।
जब राष्ट्रगान बज रहा हो, तो सभी लोगों का खड़े होना आवश्यक होता है। इस दौरान व्यक्ति को शांत रहना चाहिए और इधर-उधर नहीं देखना चाहिए। राष्ट्रगान के समय किसी तरह की बातचीत, हँसी-मज़ाक या चलना-फिरना अनुचित माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी शारीरिक कारण से खड़ा नहीं हो सकता, तो उसके लिए नियमों में छूट दी गई है।
भारत में राष्ट्रगान कई महत्वपूर्ण अवसरों पर बजाया जाता है, जैसे...
इन सभी अवसरों पर राष्ट्रगान का उद्देश्य लोगों में देशभक्ति और एकता की भावना जगाना होता है।
भारत सरकार ने राष्ट्रगान के सम्मान के लिए कुछ नियम बनाए हैं। राष्ट्रगान का अपमान करना या जानबूझकर अनादर दिखाना कानूनन गलत है। राष्ट्रगान को मज़ाक, विज्ञापन या गलत संदर्भ में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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