पितृ पक्ष में श्राद्ध क्यों किया जाता है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

पितृ पक्ष में श्राद्ध क्यों किया जाता है?

क्या आप जानते हैं पितृ पक्ष में श्राद्ध करने का असली कारण क्या है? जानें इसकी मान्यताएं, महत्व और श्राद्ध से मिलने वाले अद्भुत लाभ।

पितृ पक्ष में श्राद्ध के बारे में

श्राद्ध का महत्व आज भी हिंदू धर्म में अटूट है। यह पवित्र कर्म हमें हमारे पूर्वजों से जोड़ता है और उनके प्रति श्रद्धा, सम्मान व कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है। यह परंपरा न सिर्फ धार्मिक है, बल्कि आत्मिक शांति भी देती है। तो आइए, जानिए इस लेख में पितृ पक्ष और श्राद्ध से जुड़ी हर जरूरी बात और पाएं पूर्ण जानकारी।

पितृ पक्ष में श्राद्ध क्यों किया जाता है?: जानें धार्मिक कारण

पितृ पक्ष हिंदू धर्म में एक विशेष और पावन समय होता है, जो भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन अमावस्या तक चलता है। यह लगभग 15-16 दिनों की अवधि होती है, जब लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। मान्यता है कि इस समय हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से तर्पण एवं श्रद्धा की अपेक्षा रखते हैं। जो व्यक्ति इस काल में श्रद्धापूर्वक अपने पितरों को स्मरण करता है, उसे पितृआशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। श्राद्ध में विशेष रूप से ब्राह्मण भोज, दान-पुण्य और गऊ सेवा का भी महत्व होता है। पितृ पक्ष न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम भी है।

श्राद्ध करने के पीछे की मान्यता

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, श्राद्ध का अर्थ है श्रद्धा के साथ किया गया कर्म। यह कार्य पूरी आस्था, नियम और विधि-विधान से किया जाता है। जानकारी के अनुसार, श्राद्ध के विषय में कहा गया है कि देश, काल और पात्र का ध्यान रखते हुए तिल, कुश (दर्भा), जल और मंत्रों के साथ जो कार्य श्रद्धा से किया जाए, वही श्राद्ध कहलाता है।

श्राद्ध की मान्यता के बारे में कहें तो मान्यता है कि हमारे पितृ (पूर्वज) पितृलोक से पितृ पक्ष के समय धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से श्राद्ध की अपेक्षा रखते हैं। इस काल में यदि श्रद्धा से उन्हें तर्पण, पिंडदान और भोजन अर्पित किया जाए, तो वे तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं और अपने वंशजों के जीवन से दुख-कष्ट दूर करते हैं। इसके अलावा शास्त्रीय मान्यता के अनुसार, विष्णु पुराण में कहा गया है कि श्राद्ध से सिर्फ पितर ही नहीं, बल्कि ब्रह्मा, इंद्र, अग्नि, वायु, सूर्य, पशु-पक्षी और समस्त जीव भी तृप्त हो जाते हैं।

श्राद्ध के लाभ

शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में विधिपूर्वक श्राद्ध करने से न केवल पितरों की आत्मा तृप्त होती है, बल्कि व्यक्ति को जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी प्राप्त होती है।

  • श्राद्ध करने से आयु और सुखों में वृद्धि होती है: जो व्यक्ति सच्चे मन से श्राद्ध करता है उसकी आयु बढ़ती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती हैं। उसे यश, संतान सुख, बल, धन और प्रसिद्धि भी प्राप्त होती है।
  • पितरों के आशीर्वाद से वंश की वृद्धि होती है: श्राद्ध से पितर प्रसन्न होकर वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। जिन लोगों को संतान न होने की समस्या होती है, उनके लिए यह अत्यंत फलदायक होता है। पितृ दोष भी इससे शांत होता है।
  • धन-धान्य की कमी नहीं होती: जब श्राद्ध सही विधि से किया जाता है, तो घर में धन, अन्न और संपत्ति की कभी कमी नहीं होती। पितर घर को देवी-देवताओं की तरह आशीर्वाद देते हैं और समृद्धि लाते हैं।
  • मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है: श्राद्ध से व्यक्ति के बल, बुद्धि और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इससे उसे समाज में सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है। ग्रह-नक्षत्र भी अनुकूल होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
  • स्वास्थ्य और ऊर्जा का आशीर्वाद: श्राद्ध करने से व्यक्ति और उसके परिवार को स्वास्थ्य, आरोग्यता और मानसिक शांति प्राप्त होती है। जीवन सरल और सुखमय बनता है।
  • परिवार में प्रेम और शांति बनी रहती है: जहां पितरों को स्मरण कर श्रद्धा से श्राद्ध किया जाता है, वहां परिवार में आपसी प्रेम, सहयोग और समझ बनी रहती है। घर में कभी क्लेश या कलह नहीं होता।
  • परलोक में मिलता है मोक्ष और शुभ लोक: श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को परलोक में शांति, संतोष और मोक्ष की प्राप्ति होती है। उसके पाप नष्ट होते हैं और आत्मा को शुभ लोक मिलते हैं। अतः श्राद्ध केवल एक धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि आत्मिक और पारिवारिक उन्नति का मार्ग है। यह हमें हमारे मूल, संस्कार और पितरों से जोड़ता है।
divider
Published by Sri Mandir·August 28, 2025

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 50 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 435, 1st फ्लोर 17वीं क्रॉस, 19वीं मेन रोड, एक्सिस बैंक के ऊपर, सेक्टर 4, एचएसआर लेआउट, बेंगलुरु, कर्नाटका 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook