
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
9 सितंबर 2026 का दिन कई जरूरी कामों के साथ धार्मिक गतिविधियों के लिए भी अनुकूल रह सकता है। आज पंचांग की स्थिति दिन के अलग-अलग समय को खास बनाती है। पूजा-पाठ, यात्रा या किसी शुभ कार्य की शुरुआत करने की योजना है, तो सही मुहूर्त चुनकर दिन को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।
9 सितंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और बुधवार का संयोग है। दिन की शुरुआत सुबह के समय महत्वपूर्ण पंचांग गणनाओं के साथ होगी, जबकि दोपहर के बाद तिथि और नक्षत्र में बदलाव देखने को मिलेगा। पूजा-पाठ, यात्रा, जरूरी काम या किसी शुभ शुरुआत के लिए आज के समय और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति पर नजर रखना उपयोगी रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (12:32 PM तक) |
वार | बुधवार |
पूर्णिमांत मास | भाद्रपद |
अमांत मास | श्रावण |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:42 |
सूर्यास्त | 18:10 |
चंद्रोदय | 03:36 |
चंद्रास्त | 17:01 |
नक्षत्र | अश्लेषा (3:16 PM तक) |
योग | शिव (9:52 PM तक) |
करण | वणिज (12:32 PM तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:32 AM से 12:20 PM |
राहुकाल | 11:56 AM से 1:29 PM |
गुलिक काल | 10:23 AM से 11:56 AM |
यमघण्टकाल | 7:16 AM से 8:49 AM |
दिशाशूल | उत्तर |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | कर्क |
चंद्र निवास | उत्तर |
आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:32 PM तक रहेगी। कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, आत्मचिंतन और नियमित धार्मिक गतिविधियों के लिए दिन की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जा सकता है।
आज बुधवार है, जिसे बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को बुद्धि, वाणी, संवाद और समझदारी से जोड़ा जाता है। इसलिए आज बातचीत, योजना बनाने और सोच-समझकर निर्णय लेने जैसे कार्यों में स्पष्टता बनाए रखना बेहतर रहेगा।
आज पूर्णिमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि अमांत परंपरा में श्रावण मास माना जा रहा है। भारत में प्रचलित पंचांग की अलग-अलग मास गणना पद्धतियों के कारण दोनों नाम एक ही दिन के लिए दिखाई दे सकते हैं।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में संवत की जानकारी किसी तिथि की पारंपरिक काल गणना को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार होती है।
सितंबर के इस समय वर्षा ऋतु का प्रभाव पंचांग में दर्ज है। मौसम में नमी और बदलाव के बीच दिन की गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम को भी ध्यान में रखना उपयोगी हो सकता है।
सूर्य की गति के अनुसार वर्तमान समय में दक्षिणायन चल रहा है। धार्मिक परंपराओं में दक्षिणायन को आत्मचिंतन, संयम और साधना से जुड़े समय के रूप में भी देखा जाता है।
आज सूर्योदय 5:42 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:10 PM पर। इससे दिन के उजाले की अवधि और दैनिक गतिविधियों की सामान्य समय-सारणी तय करने में मदद मिलती है।
आज चंद्रोदय 3:36 AM पर तथा चंद्रास्त 5:01 PM पर होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा कर्क राशि में स्थित है और चंद्र निवास उत्तर दिशा में माना गया है। दिन की ज्योतिषीय गणना में चंद्रमा की राशि और स्थिति को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज अश्लेषा नक्षत्र 3:16 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में अश्लेषा नक्षत्र को गहराई, सूक्ष्म समझ और किसी विषय को बारीकी से देखने की प्रवृत्ति से जोड़ा जाता है। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा, इसलिए दिन के दूसरे हिस्से की पंचांग स्थिति अलग रहेगी।
आज शिव योग 9:52 PM तक रहेगा। पंचांग में योग की स्थिति दिन के शुभ-अशुभ समय और विभिन्न कार्यों के निर्धारण में देखी जाती है।
वणिज करण 12:32 PM तक रहेगा। करण तिथि का एक हिस्सा होता है और पंचांग की दैनिक गणना में इसका भी विशेष स्थान है। महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते समय तिथि, योग और करण को एक साथ देखा जाता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त 11:32 AM से 12:20 PM तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस अवधि को कई शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है।
वहीं दिन में कुछ ऐसे समय भी हैं जिन्हें महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए टालने की सलाह दी जाती है:
राहुकाल: 11:56 AM से 1:29 PM
गुलिक काल: 10:23 AM से 11:56 AM
यमघण्टकाल: 7:16 AM से 8:49 AM
किसी नए या विशेष कार्य का समय तय करते समय इन अवधियों के साथ अभिजीत मुहूर्त और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा सकता है।
आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार उत्तर दिशा की यात्रा करते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो व्यक्ति अपनी परंपरा के अनुसार संबंधित उपायों का पालन कर सकता है।
आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में स्थित हैं। सूर्य और चंद्रमा की राशि स्थिति पंचांग की दैनिक ज्योतिषीय गणना का हिस्सा होती है। चंद्रमा की स्थिति विशेष रूप से मनोदशा, सोच और दिन के भावनात्मक वातावरण से जोड़कर देखी जाती है।
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