
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
पितृ पक्ष अपने अंतिम पड़ाव पर है और 9 अक्टूबर का पंचांग इसी बदलाव की ओर संकेत करता है। आज कृष्ण चतुर्दशी रहेगी, जबकि रात के बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे समय में कई परिवार अपने पूर्वजों को याद करने, तर्पण और धार्मिक कार्यों की तैयारी पर विशेष ध्यान देते हैं। शुक्रवार के इस दिन में तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय भी अपनी भूमिका रखते हैं। चलिए, आज की पूरी समय-रेखा को करीब से समझते हैं।
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विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (9:37 PM तक) |
वार | शुक्रवार |
पूर्णिमांत मास | अश्विन |
अमांत मास | भाद्रपद |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | शरद |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:54 |
सूर्यास्त | 17:38 |
चंद्रोदय | 04:27 |
चंद्रास्त | 16:42 |
नक्षत्र | उत्तर फाल्गुनी (9:21 PM तक) |
योग | ब्रह्मा (11:20 PM तक) |
करण | विष्टि (9:55 AM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:23 AM से 12:09 PM |
राहुकाल | 10:18 AM से 11:46 AM |
गुलिक काल | 7:22 AM से 8:50 AM |
यमघण्टकाल | 2:42 PM से 4:10 PM |
दिशाशूल | पश्चिम |
सूर्य राशि | कन्या |
चंद्र राशि | कन्या |
चंद्र निवास | दक्षिण |
आज कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रात 9:37 PM तक रहेगी। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी अमावस्या से ठीक पहले आने वाली तिथि है, इसलिए आज की पंचांग गणना में रात तक चतुर्दशी की स्थिति बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों या तिथि विशेष से जुड़े आयोजन की योजना बनाते समय इस अवधि को ध्यान में रखना उपयोगी होगा।
आज शुक्रवार है, जिसे परंपरागत रूप से शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं में शुक्रवार को सौंदर्य, सुख-सुविधा, कला और पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों के साथ देखा जाता है। आज व्यक्तिगत कामों और परिवार से जुड़े जरूरी कार्यों के बीच संतुलन बनाकर चलना उपयोगी हो सकता है।
आज अमांत पद्धति के अनुसार भाद्रपद मास और पूर्णिमांत पद्धति के अनुसार अश्विन मास चल रहा है। दोनों पद्धतियों में मास की गणना अलग होने के कारण पंचांग में भाद्रपद और अश्विन दोनों नाम दिखाई देते हैं। धार्मिक तिथियों की जानकारी लेते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। संवत की यह जानकारी भारतीय पंचांग की पारंपरिक काल गणना को समझने में मदद करती है।
आज शरद ऋतु का समय है। अक्टूबर में मौसम धीरे-धीरे बदलने लगता है और सुबह-शाम की परिस्थितियां दिन के समय से अलग हो सकती हैं। यात्रा या बाहर के कामों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम का ध्यान रखना व्यावहारिक रहेगा।
पंचांग के अनुसार दक्षिणायन चल रहा है। अयन सूर्य की वार्षिक गति से संबंधित पारंपरिक गणना है, जिसे पंचांग में ऋतु और काल के साथ दर्ज किया जाता है।
आज सूर्योदय 5:54 AM पर और सूर्यास्त 5:38 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक की गतिविधियों को व्यवस्थित करते समय इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।
आज चंद्रोदय 4:27 AM पर होगा और चन्द्रास्त 4:42 PM पर रहेगा। यानी दिन के अंतिम हिस्से में चंद्रमा अस्त होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा और चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है।
आज उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र रात 9:21 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र को जिम्मेदारी, सहयोग, स्थिरता और संबंधों से जुड़े विषयों के साथ देखा जाता है। इसलिए आज किसी काम में निरंतरता बनाए रखने और जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर ध्यान दिया जा सकता है।
ब्रह्मा योग रात 11:20 PM तक रहेगा। योग की यह अवधि दिन के अधिकांश हिस्से में बनी रहेगी। पंचांग में योग को तिथि, नक्षत्र और करण के साथ पढ़ने पर दिन के समय-क्रम को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
आज विष्टि करण सुबह 9:55 AM तक रहेगा। इसके बाद करण में बदलाव होगा। सुबह के इस परिवर्तन के बाद 10:18 AM से राहुकाल शुरू होगा और 11:23 AM से शुभ मुहूर्त भी रहेगा, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समय तय करते समय इन अलग-अलग समयखंडों को साथ देखकर निर्णय लेना उपयोगी रहेगा।
आज शुभ मुहूर्त 11:23 AM से 12:09 PM तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय निर्धारित करते हुए इस अवधि को पंचांग के अनुसार शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।
दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 10:18 AM से 11:46 AM
गुलिक काल: 7:22 AM से 8:50 AM
यमघण्टकाल: 2:42 PM से 4:10 PM
पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। आवश्यक कार्य होने पर उसकी प्रकृति और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।
आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग में दी गई इस गणना को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। यात्रा के लिए मौसम, मार्ग और अन्य व्यावहारिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा भी कन्या राशि में स्थित रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्र निवास दक्षिण दिशा में है। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति दैनिक पंचांग के ज्योतिषीय विवरण का हिस्सा होती है और इसे तिथि, नक्षत्र तथा योग के साथ देखा जाता है।
9 अक्टूबर के पंचांग में सुबह से शाम तक समय की स्थिति लगातार बदलती रहेगी। दिन की शुरुआत 5:54 AM के सूर्योदय से होगी। इसके बाद 7:22 AM से 8:50 AM तक गुलिक काल रहेगा और 9:55 AM पर विष्टि करण समाप्त होगा। इसके तुरंत बाद 10:18 AM से 11:46 AM तक राहुकाल रहेगा।
इसके बीच 11:23 AM से 12:09 PM तक शुभ मुहूर्त मिलेगा। इसलिए किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय तय करते हुए सुबह के अशुभ काल और दोपहर से पहले उपलब्ध शुभ अवधि को अलग-अलग देखना उपयोगी रहेगा।
दोपहर बाद 2:42 PM से 4:10 PM तक यमघण्टकाल रहेगा और 4:42 PM पर चन्द्रास्त होगा। शाम को 5:38 PM पर सूर्यास्त के बाद भी उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र रात 9:21 PM तक और चतुर्दशी तिथि रात 9:37 PM तक बनी रहेगी। इस तरह आज का पंचांग दिन के अंत तक कई महत्वपूर्ण समय संकेत देता है, जिन्हें ध्यान में रखकर धार्मिक गतिविधियों और जरूरी कामों का क्रम तय किया जा सकता है।
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