
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
आज की तिथि और नक्षत्र के साथ बनने वाले योग दिन के शुभ समय को प्रभावित करेंगे। धार्मिक कार्य, यात्रा या किसी जरूरी शुरुआत के लिए आज का दिन कितना अनुकूल रहेगा, आइए जानते हैं आज का पंचांग।
3 सितंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और गुरुवार का संयोग बन रहा है। आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र और योग दिन के अलग-अलग समय पर बदलेंगे, इसलिए किसी महत्वपूर्ण काम की योजना बनाते समय समय-सीमा पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा। पूजा-पाठ, यात्रा, दैनिक कार्यों और शुभ समय से जुड़ी जानकारी के लिए आज का पंचांग दिन की शुरुआत को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है।
विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष सप्तमी (2:26 AM तक) |
वार | गुरुवार |
पूर्णिमांत मास | भाद्रपद |
अमांत मास | श्रावण |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:40 |
सूर्यास्त | 18:16 |
चंद्रोदय | 22:14 |
चंद्रास्त | 11:30 |
नक्षत्र | कृतिका (12:30 AM तक) |
योग | व्याघात (6:33 PM तक) |
करण | विष्टि (3:25 PM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:33 AM से 12:23 PM |
राहुकाल | 1:33 PM से 3:07 PM |
गुलिक काल | 8:49 AM से 10:24 AM |
यमघण्टकाल | 5:40 AM से 7:15 AM |
दिशाशूल | दक्षिण |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | मेष |
चंद्र निवास | पूर्व |
आज कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 2:26 AM तक रहेगी। पंचांग में सप्तमी तिथि को नियमित कार्यों, अनुशासन और पहले से चल रहे कामों को व्यवस्थित करने के संदर्भ में देखा जाता है। दिन के कार्यों को जल्दबाजी के बजाय क्रमबद्ध तरीके से पूरा करना बेहतर रहेगा।
आज गुरुवार है, जिसे गुरु ग्रह और भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन पूजा, प्रार्थना, अध्ययन और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए विशेष माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता या अपनी दिनचर्या में सकारात्मक कार्यों को शामिल करना भी इस दिन की धार्मिक भावना के अनुरूप माना जाता है।
आज पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना में श्रावण मास है। भारत में प्रचलित पंचांग परंपराओं के अनुसार अमांत और पूर्णिमांत मास की गणना अलग-अलग तरीके से होती है, इसलिए एक ही दिन के लिए दोनों मास का उल्लेख मिल सकता है।
वर्तमान वर्ष विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। धार्मिक तिथियों, व्रतों और पर्वों की गणना में इन संवतों का उपयोग किया जाता है।
सितंबर की शुरुआत में वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में बदलाव के कारण दिन के दौरान वातावरण में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए बाहर के काम या यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखना उपयोगी होगा।
सूर्य की स्थिति के अनुसार अभी दक्षिणायन चल रहा है। भारतीय धार्मिक परंपरा में दक्षिणायन को आत्मचिंतन, साधना और धार्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण काल माना गया है।
आज सूर्योदय 5:40 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:16 PM पर होगा। दिन की शुरुआत और समाप्ति से जुड़े इन समयों के आधार पर पूजा, दैनिक दिनचर्या और अन्य जरूरी गतिविधियों की योजना बनाई जा सकती है।
आज चंद्रोदय 10:14 PM पर तथा चंद्रास्त 11:30 AM पर होगा। चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा और पंचांग के अनुसार उसका निवास पूर्व दिशा में माना गया है। सूर्य सिंह राशि में रहेंगे।
आज कृतिका नक्षत्र रात 12:30 AM तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में कृतिका को तेज, सक्रियता और दृढ़ता से संबंधित नक्षत्र माना जाता है। किसी कार्य को पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्णय और निरंतर प्रयास की आवश्यकता हो तो दिन की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना उचित रहेगा।
व्याघात योग शाम 6:33 PM तक रहेगा। पंचांग में योगों को दिन की प्रकृति समझने के महत्वपूर्ण आधारों में शामिल किया जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण काम के लिए केवल तिथि ही नहीं बल्कि योग और अन्य समय-खंडों को भी देखना उपयोगी माना जाता है।
आज विष्टि करण दोपहर 3:25 PM तक रहेगा। विष्टि करण को पारंपरिक रूप से भद्रा भी कहा जाता है और शुभ कार्यों के निर्धारण में इसकी स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
आज शुभ मुहूर्त सुबह 11:33 AM से दोपहर 12:23 PM तक रहेगा। इस अवधि को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयोगी समय माना जाता है। यदि किसी जरूरी काम की शुरुआत करनी हो तो पंचांग के अन्य कारकों के साथ इस समय का भी ध्यान रखा जा सकता है।
आज के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 1:33 PM से 3:07 PM
गुलिक काल: 8:49 AM से 10:24 AM
यमघण्टकाल: 5:40 AM से 7:15 AM
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित दैनिक कार्य इन समयों में किए जा सकते हैं।
आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग मान्यताओं के अनुसार दिशाशूल का विचार किया जाता है। यात्रा की वास्तविक परिस्थितियों और आवश्यकताओं को भी साथ में ध्यान में रखना चाहिए।
ग्रह स्थिति की बात करें तो आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मेष राशि में स्थित हैं। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति पंचांग की दैनिक गणना का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और ज्योतिषीय दृष्टि से दिन के सामान्य प्रभावों को समझने में इसका उपयोग किया जाता है।
Did you like this article?

Aaj Ka Panchang 4 September 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 2 September 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 1 September 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।