
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए उससे पहले की तिथि और व्रत की शुरुआत से जुड़े नियम जानना उपयोगी रहता है। 21 अक्टूबर को दोपहर में दशमी समाप्त होकर एकादशी तिथि शुरू होगी। हालांकि, व्रत का पालन स्थानीय परंपरा और उदया तिथि के अनुसार किया जाता है। ऐसे में व्रत की तैयारी करने से पहले पंचांग की जानकारी देखें और अपने धार्मिक नियमों के अनुसार दिनचर्या व्यवस्थित करें।
आपके लिए चुनी गई पूजाएँ
अपने नाम और गोत्र से पूजा करवाएं और अपने परिवार के लिए ईश्वर का आशीर्वाद पाएं।
21 अक्टूबर 2026 को बुधवार के दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 2:13 PM तक रहेगी। आज धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7:48 PM तक है और चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा। दिन की समय-सारणी में ध्यान देने वाली बात यह है कि शुभ मुहूर्त 11:21 AM से 12:05 PM तक है, जबकि राहुकाल इसी अवधि के भीतर शुरू हो जाता है। इसलिए किसी काम के लिए मुहूर्त चुनते समय केवल शुभ समय देखकर निर्णय लेने के बजाय दूसरे समयों का मिलान करना भी जरूरी है।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष दशमी (2:13 PM तक) |
वार | बुधवार |
पूर्णिमांत मास | अश्विन |
अमांत मास | अश्विन |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | शरद |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 06:00 |
सूर्यास्त | 17:27 |
चंद्रोदय | 14:24 |
चंद्रास्त | 01:07 |
नक्षत्र | धनिष्ठा (7:48 PM तक) |
योग | गंड (12:33 AM तक) |
करण | गर (2:07 PM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:21 AM से 12:05 PM |
राहुकाल | 11:43 AM से 1:09 PM |
गुलिक काल | 10:17 AM से 11:43 AM |
यमघण्टकाल | 7:26 AM से 8:52 AM |
दिशाशूल | उत्तर |
सूर्य राशि | तुला |
चंद्र राशि | मकर |
चंद्र निवास | दक्षिण |
आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 2:13 PM तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। यदि आप व्रत, पूजा या किसी धार्मिक आयोजन की योजना बना रहे हैं, तो तिथि बदलने का यह समय ध्यान में रखना उपयोगी होगा। खासकर तिथि के अनुसार किए जाने वाले कार्यों में स्थानीय पंचांग और संबंधित परंपरा के निर्देश देखना बेहतर रहता है।
आज बुधवार है, जिसे पारंपरिक रूप से बुध ग्रह से जोड़ा जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को बुद्धि, संवाद, गणना और व्यापार से संबंधित माना गया है। दिन के कामों में बातचीत, दस्तावेजों या योजनाओं से जुड़े निर्णय लेते समय स्पष्टता और सावधानी बनाए रखना हमेशा उपयोगी है।
आज अमांत और पूर्णिमांत, दोनों गणना पद्धतियों में अश्विन मास चल रहा है। इन दोनों प्रणालियों में मास की गणना का आधार अलग होता है, इसलिए कुछ दिनों में इनके मास-नाम अलग दिखाई देते हैं। आज दोनों में अश्विन मास दर्ज है।
वर्ष के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। पंचांग में संवत का उल्लेख तिथि को पारंपरिक काल गणना के संदर्भ में समझने में मदद करता है। व्रत और त्योहारों की तारीख देखते समय संवत के साथ तिथि और मास का विवरण भी पढ़ना चाहिए।
आज शरद ऋतु है और पंचांग के अनुसार दक्षिणायन चल रहा है। ऋतु का उल्लेख वर्ष के मौसमी चरण को दर्शाता है, जबकि अयन सूर्य की वार्षिक गति से संबंधित पारंपरिक गणना का हिस्सा है। दिनचर्या या यात्रा की योजना बनाते समय इन जानकारियों के साथ स्थानीय मौसम और व्यावहारिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
आज सूर्योदय 6:00 AM पर और सूर्यास्त 5:27 PM पर होगा। सुबह से शाम तक के कार्यों की योजना बनाने के लिए ये समय उपयोगी हैं। पूजा-पाठ या दिन के अन्य कामों के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ संबंधित मुहूर्त भी देखे जा सकते हैं।
आज चंद्रोदय 2:24 PM पर होगा और चंद्रास्त 1:07 AM पर दर्ज है। सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा। पंचांग में चंद्र निवास दक्षिण दिशा बताया गया है। ये विवरण दिन की पारंपरिक खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति को समझने के लिए दिए जाते हैं।
आज धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7:48 PM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र बदल जाएगा। नक्षत्र के आधार पर मुहूर्त देखने वाले लोगों के लिए यह समय उपयोगी है, क्योंकि शाम के बाद पंचांग की नक्षत्र स्थिति अलग होगी।
गंड योग 12:33 AM तक रहेगा। इसका समाप्ति समय मध्यरात्रि के बाद का है। पंचांग में योग को तिथि और नक्षत्र के साथ पढ़ा जाता है, लेकिन किसी विशेष पूजा या संस्कार के लिए उपयुक्त समय तय करते समय संबंधित कार्य के मुहूर्त के नियम भी देखने चाहिए।
आज गर करण 2:07 PM तक रहेगा, जबकि दशमी तिथि 2:13 PM पर समाप्त होगी। यानी करण और तिथि के समाप्त होने में छह मिनट का अंतर है। दोपहर के आसपास दोनों में बदलाव होने के कारण किसी तिथि-विशेष कार्य की योजना बनाते समय दोनों समय अलग-अलग ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।
आज का शुभ मुहूर्त 11:21 AM से 12:05 PM तक है। वहीं, राहुकाल 11:43 AM से 1:09 PM तक रहेगा। इसका अर्थ है कि राहुकाल शुभ मुहूर्त की अवधि के बीच शुरू हो रहा है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण काम के लिए समय चुनते समय केवल एक समय-सूची पर निर्भर न रहें; कार्य के प्रकार और संबंधित मुहूर्त के अनुसार निर्णय लें।
आज के प्रमुख अशुभ काल इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 11:43 AM से 1:09 PM
गुलिक काल: 10:17 AM से 11:43 AM
यमघण्टकाल: 7:26 AM से 8:52 AM
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। जरूरी कामों के लिए अपनी परिस्थिति, सुविधा और कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखकर समय तय किया जा सकता है।
आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। पारंपरिक पंचांग में यात्रा की दिशा से जुड़ी इस जानकारी को भी देखा जाता है। यदि उत्तर दिशा की यात्रा करनी हो, तो इसे अपनी परंपरा के अनुसार ध्यान में रख सकते हैं; हालांकि, यात्रा की वास्तविक जरूरतों और परिस्थितियों को प्राथमिकता देना भी आवश्यक है।
राशि की स्थिति के अनुसार सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा। चंद्र निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है। तिथि, नक्षत्र, योग और राशि की इन जानकारियों को एक साथ देखने से आज के पंचांग का अधिक संपूर्ण विवरण मिलता है।
Did you like this article?

Aaj Ka Panchang 20 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 19 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 18 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।