आज का पंचांग 12 सितंबर 2026
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आज का पंचांग 12 सितंबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

सितंबर के इस दिन अगर कोई शुभ काम करने की तैयारी है, तो 12 सितंबर 2026 का पंचांग आपके लिए खास हो सकता है। आज की ज्योतिषीय स्थिति के अनुसार धार्मिक कार्यों और नई शुरुआत के लिए समय का चुनाव महत्वपूर्ण रहेगा।

आज का पंचांग 12 सितंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 12th September 2026

12 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और शनिवार का संयोग है। अमावस्या के बाद आज से शुक्ल पक्ष की शुरुआत हो रही है, इसलिए पंचांग की दृष्टि से दिन का स्वरूप पिछले दिन से अलग रहेगा। पूजा-पाठ, दैनिक कार्यों, यात्रा या किसी शुभ काम की तैयारी के लिए तिथि, नक्षत्र और दिन के महत्वपूर्ण समय को जानना उपयोगी हो सकता है।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदा (7:47 AM तक)
वारशनिवार
पूर्णिमांत मासभाद्रपद
अमांत मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:43
सूर्यास्त18:06
चंद्रोदय06:39
चंद्रास्त18:43
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी (12:57 PM तक)
योगशुभ (3:09 PM तक)
करणबव (7:48 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:31 AM से 12:19 PM
राहुकाल8:49 AM से 10:22 AM
गुलिक काल5:43 AM से 7:16 AM
यमघण्टकाल1:28 PM से 3:01 PM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिकन्या
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और शनिवार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 7:47 AM तक रहेगी। अमावस्या के बाद आने वाली प्रतिपदा से शुक्ल पक्ष की शुरुआत होती है। धार्मिक दृष्टि से इसे नए पक्ष की शुरुआत माना जाता है, इसलिए आज पूजा-पाठ और नियमित धार्मिक कार्यों के साथ आने वाले दिनों की योजना बनाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

आज शनिवार है, जो शनि देव से संबंधित माना जाता है। शनि का संबंध कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी और धैर्य से जोड़ा जाता है। इसलिए आज जल्दबाजी के बजाय व्यवस्थित तरीके से काम करना और अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जा सकता है।

भाद्रपद मास और संवत की स्थिति

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है। इस दिन दोनों पद्धतियों में मास का नाम एक ही होने के कारण मास की गणना को समझना अपेक्षाकृत आसान रहता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में इन संवतों का उल्लेख पारंपरिक काल गणना और तिथि की पहचान के लिए किया जाता है।

वर्षा ऋतु और दक्षिणायन

वर्तमान समय में वर्षा ऋतु चल रही है। मौसम में बदलाव के बीच दिन की गतिविधियों और यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

सूर्य की स्थिति के अनुसार अभी दक्षिणायन चल रहा है। धार्मिक परंपराओं में दक्षिणायन के समय को आत्मचिंतन, संयम और साधना से जोड़कर देखा जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:43 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:06 PM पर। दिन के उजाले के अनुसार दैनिक कार्यों का क्रम तय करने के लिए इन समयों को आधार बनाया जा सकता है।

आज चंद्रोदय 6:39 AM पर तथा चंद्रास्त 6:43 PM पर होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा कन्या राशि में स्थित है और उसका निवास दक्षिण दिशा में माना गया है। शुक्ल पक्ष की शुरुआत के साथ चंद्रमा की स्थिति आज के पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र, शुभ योग और बव करण

आज उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 12:57 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र को स्थिरता, सहयोग, जिम्मेदारी और संबंधों से जुड़े विषयों के साथ जोड़ा जाता है। दोपहर के बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा।

आज शुभ योग 3:09 PM तक रहेगा। पंचांग में योग को किसी कार्य के लिए समय निर्धारित करते समय तिथि, नक्षत्र और अन्य परिस्थितियों के साथ देखा जाता है।

बव करण 7:48 AM तक रहेगा। करण तिथि के एक हिस्से को दर्शाता है और दैनिक पंचांग की समय गणना में इसका विशेष स्थान होता है।

आज के शुभ और अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त 11:31 AM से 12:19 PM तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस समय को कई शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है।

वहीं दिन के प्रमुख अशुभ माने जाने वाले समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 8:49 AM से 10:22 AM

  • गुलिक काल: 5:43 AM से 7:16 AM

  • यमघण्टकाल: 1:28 PM से 3:01 PM

किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते समय इन समयों को ध्यान में रखना पारंपरिक पंचांग पद्धति का हिस्सा है। आवश्यक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त और दिन की अन्य परिस्थितियों को भी साथ में देखा जा सकता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। पंचांग की मान्यताओं के अनुसार पूर्व दिशा की यात्रा करते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। यात्रा आवश्यक होने पर अपनी परंपरा के अनुसार उचित उपाय किए जा सकते हैं।

आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्य और चंद्रमा की राशि स्थिति दैनिक पंचांग की ज्योतिषीय गणना में महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं चंद्र निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है।

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Published by Sri Mandir·September 10, 2026

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