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भगवान शिव के मंत्र

भगवान शिव के मंत्र

पढ़ें भगवान शिव के मंत्र अर्थ और उनके लाभ


भगवान शिवजी के मंत्र

भगवान शिवजी के मंत्र: अर्थ और लाभ

भारत में भगवान शिव को पूजने वाले भक्तों की संख्या करोड़ों में है। कहा जाता है कि सृष्टि की रक्षा के लिए विषपान करने वाले भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना को बहुत जल्द पूरी करते हैं। भगवान भोलेनाथ के व्यक्तित्व के कई रंग हैं, इसलिए उन्हें 'देवों के देव' भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में महादेव को कल्याण का देवता माना गया है। शिव जी को उनकी दया और करुणा के लिए भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शिव जी मात्र बेलपत्र और जल चढ़ाने से ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं। इसके अलावा अगर आप शिव जी की अधिक कृपा पाने चाहते हैं, तो आपको कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए। इन मंत्रों का जाप करने से शिव जी न सिर्फ खुश होते हैं, बल्कि अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं। आइए जानते हैं उन मंत्रों के बारे में...

1. एकाग्रता और निरोगी काया के लिए भगवान शिव के इस षडाक्षरी मंत्र का जाप करें-

ॐ नमः शिवाय।

मंत्र का अर्थ:

जिनमें समस्त संसार का सार विराजमान है, जो स्वयं ओमकारमय हैं और ॐ का ध्यान करते हैं ऐसे हे शिव, मैं आपको नमन करता हूं।

मंत्र का लाभ:

ध्यान और एकाग्रता बनाए रखने के साथ ही निरोगी काया की प्राप्ति के लिए इस मंत्र का ध्यान किया जा सकता है। इस मंत्र का उच्चारण कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इस मंत्र के उच्चारण के लिए कोई विशेष स्थान या फिर विशेष समय की आवश्यकता नहीं है। इस मंत्र को सभी वेदों का सार तत्व माना गया है।

2. मृत्यु पर विजय प्राप्ति और अकाल मरण से बचने के लिए पढ़ें मृत्युंजय मंत्र:

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

मंत्र का अर्थ:

हे तीन नेत्रों वाले महादेव, हमारे पालनहार, पालनकर्ता, जिस प्रकार पका हुआ खरबूजा बिना किसी यत्न के डाल से अलग हो जाता है, कृपया कर हमें भी उसी तरह इस दुनिया के मोह एवं माया के बंधनों और जन्म मरण के चक्र से मुक्त कर मोक्ष प्रदान कीजिए।

मंत्र का लाभ:

इस मंत्र का जप करने से अकाल मृत्यु का डर दूर होता है। इससे असाध्य रोग भी शांत हो जाते हैं। इसके अलावा इस मंत्र के जाप से हर तरह के सुख मिलते हैं।

3. आत्म कल्याण की प्राप्ति के लिए पढ़ें शिव गायत्री मंत्र:

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

मंत्र का अर्थ:

हे परम पुरुष, देवों के देव महादेव आप विशेष बुद्धि के धारक हैं, आपकी करुणा और दया सदा हम पर बनाए रखें।

मंत्र का लाभ:

इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य का कल्याण होता है। साथ ही इस शिव गायत्री मंत्र से समस्त पापों का नाश होता है।

सुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए प्रत्येक सोमवार को महादेव के इन मंत्रों का जाप अवश्य करें। भगवान शिव अपने भक्त की पूजा से प्रसन्न होते हैं। शिव भक्त जितना-जितना भगवान शिव के मंत्र का जप करता है उतना ही उसके अंतःकरण की शुद्धि होती जाती है।

साथ ही वह भगवान शिव के समीप होता जाता है। उसके दरिद्रता, रोग, दुख एवं शत्रुजनित पीड़ा एवं कष्टों का अंत हो जाता है एवं उसे परम आनंद की प्राप्ति होती है। इस प्रकार के अनमोल मंत्रों और तथ्यों की जानकारी के लिए बने रहिए श्री मंदिर के साथ।

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