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दीप ज्योति मंत्र | Deep Jyoti Mantra

जानें इसे पढ़ने के अद्भुत लाभ और सही जाप का तरीका। जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति और आंतरिक उजाला पाने का सरल उपाय।

दीप ज्योति मंत्र के बारे में

दीप ज्योति मंत्र का धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष महत्व माना जाता है। यह मंत्र अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रकाश फैलाने का प्रतीक है। श्रद्धा के साथ इसके जाप से घर और मन दोनों में पवित्रता का अनुभव होता है। इस लेख में जानिए दीप ज्योति मंत्र का अर्थ, महत्व और इसके आध्यात्मिक लाभ।

दीप ज्योति मंत्र क्या है

मंत्रों में एक विशेष शक्ति होती है जो साधक के जीवन को सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और दिव्य आशीर्वाद से भर देती है। बहुत सारे मंत्र ऐसे हैं जिनका उच्चारण हमारे जीवन में आध्यात्मिक जागृति और आंतरिक बल को प्रकट करता है। इन्हीं मंत्रों में से एक है दीप ज्योति मंत्र, जिसका पाठ सनातन संस्कृति में प्रातः एवं सायं की आराधना के समय दीप प्रज्वलन के साथ किया जाता है। प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने दीपक को ज्ञान, प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक माना है। यही कारण है कि मंदिर में या घर के पूजा स्थल पर दीपक जलाने की परंपरा आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सनातन परंपरा के अनुसार, सुबह और शाम के समय दीपक प्रज्वलित कर इस मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से सायं के समय दीप जलाने और मंत्र जप करने से वातावरण में सकारात्मक तरंगें फैलती हैं, जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। माना जाता है कि दीप ज्योति मंत्र का जाप करने से ईश्वर की कृपा सहज रूप से प्राप्त होती है और साधक का मन शुद्ध होकर आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होता है।

दीप ज्योति मंत्र

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा।

शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥

अर्थः शुभ, आरोग्य और ऐश्वर्य देने वाले तथा वैमनस्य और शत्रुता के भावों का नाश करने वाले दीप के प्रकाश को प्रणाम है।

दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः।

दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते॥

अर्थः दीपक का प्रकाश परम ब्रह्म का प्रतिनिधित्व करता है। यह प्रकाश जनार्दन (भगवान विष्णु) का प्रतीक है। दीप का प्रकाश मेरे पापों का नाश करे, उसी दीपज्योति को प्रणाम है।

अन्तर्ज्योतिर्बहिर्ज्योतिः प्रत्यग्ज्योतिः परात्परः।

ज्योतिर्ज्योतिः स्वयंज्योतिरात्मज्योतिः शिवोऽस्म्यहम्॥

अर्थः जो दिव्य प्रकाश मेरे भीतर है, जो बाहर है और जो सम्पूर्ण जगत में व्याप्त है, उसका मूल एक ही है। वह परमात्मा है, वह शिव है। मैं प्रतिदिन इस दिव्य दीप को प्रज्वलित रखने की शपथ लेता हूँ।

कीटा: पतङ्गा: मशका: च वृक्षाः

जले स्थले ये निवसन्ति जीवाः।

दृष्ट्वा प्रदीपं न च जन्म भाजा:

सुखिनः भवन्तु श्वपचाः हि विप्रा:॥

अर्थः इस दीप के दर्शन से चाहे कीट-पतंगे हों, पक्षी हों, वृक्ष-पौधे हों, जलचर या स्थलीय जीव हों, अथवा मनुष्य हों सभी के पाप नष्ट हों और वे जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर सदा सुख प्राप्त करें।

दीप ज्योति मंत्र के फायदे

दीप ज्योति मंत्र के अनेक फायदे मिलते हैं। यदि इसे नियमित तौर पर दीप जलाते समय पढ़ा जाए तो इससे बहुत सारे लाभों की प्राप्ति होती है। तो आइअ जानते हैं लाभों के बारे में।

  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार: रोजाना दीपक जलाने और दीप ज्योति मंत्र का जाप करने से घर का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। यह नकारात्मक विचारों और परिस्थितियों को दूर कर मन और घर दोनों में शांति बनाए रखता है।

  • वास्तु दोष का निवारण: दीपक की रोशनी और मंत्र जाप से घर में मौजूद वास्तु दोष कम हो जाते हैं। जहां वास्तु दोष होते हैं वहां कलह, अशांति और आर्थिक कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं, लेकिन दीपक जलाने से यह दोष धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं।

  • हानिकारक कीटाणुओं का नाश: दीपक से निकलने वाला धुआँ वातावरण में मौजूद सूक्ष्म हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है। इससे घर का वातावरण पवित्र और स्वास्थ्यवर्धक बना रहता है।

  • अंधकार का नाश और प्रकाश का विस्तार: दीपक अज्ञान और अंधकार का प्रतीक नाश करता है तथा ज्ञान और प्रकाश का विस्तार करता है। यह मंत्र साधक को सही मार्ग दिखाने और आत्मबल प्रदान करने में सहायक है।

  • देवी-देवताओं की कृपा प्राप्ति: शास्त्रों में कहा गया है कि देवी-देवताओं को दीपक की ज्योति प्रिय होती है। इसलिए दीप ज्योति मंत्र का जाप करते हुए दीपक जलाने से देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शुभ फल मिलते हैं।

  • घर में सुख-समृद्धि का आगमन: दीपक जलाने और मंत्र का उच्चारण करने से घर में धन, आरोग्य और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है। यह परिवार में शांति, प्रेम और सौहार्द को भी बढ़ाता है।

  • नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रोकना: रोज शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक लगाने से बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुकता है। इससे घर में सदैव सकारात्मकता और शुभता बनी रहती है।

  • शत्रु बुद्धि का नाश और आत्मबल की वृद्धि: दीप ज्योति मंत्र का नियमित जाप करने से शत्रु या विरोधियों की बुद्धि नष्ट होती है और साधक को साहस, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है।

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Published by Sri Mandir·February 10, 2026

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