शीतला सप्तमी कब है 2026
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शीतला सप्तमी कब है 2026

क्या आप जानना चाहते हैं कि शीतला सप्तमी 2026 में कब मनाई जाएगी और इसका धार्मिक महत्व क्या है? इस लेख में जानिए शीतला सप्तमी की सही तिथि, माता शीतला की पूजा का महत्व और इस दिन किए जाने वाले व्रत व परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

शीतला सप्तमी के बारे में

शीतला सप्तमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है, जो माता शीतला की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह मुख्य रूप से होली के बाद आने वाली सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग माता शीतला से रोगों, विशेषकर चेचक और संक्रमण से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। परंपरा के अनुसार इस दिन बासी या ठंडा भोजन ग्रहण किया जाता है और घरों में स्वच्छता तथा शांति बनाए रखने का विशेष महत्व माना जाता है।

शीतला सप्तमी कब है? संपूर्ण जानकारी

शीतला सप्‍तमी होली पर्व के ठीक सात दिन बाद चैत्र मास के कृष्‍ण पक्ष की सप्‍तमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माता दुर्गा के स्‍वरूप माँ शीतला की उपासना की जाती है। और शीतला अष्‍टमी के दिन उन्हें बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। य‍ह व्रत संतानवती स्त्रियां प्रमुख रूप से अपनी संतान के उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य व उनकी दीर्घायु की कामना के लिए करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्ण आस्था से शीतला मां की उपासना करने से संतान को उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु प्राप्त होती है, और उनके सारे कष्ट दूर होते हैं।

चलिए जानते हैं कि वर्ष 2026 में शीतला सप्तमी कब है

  • शीतला सप्तमी 10 मार्च 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी।
  • शीतला सप्तमी पूजा मुहूर्त - प्रातः 06 बजकर 12 मिनट से शाम 06 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
  • जिसकी कुल अवधि 11 घण्टे 52 मिनट्स की होगी।
  • सप्तमी तिथि 09 मार्च 2026, शुक्रवार को रात 11 बजकर 27 मिनट पर प्रारंभ होगी।
  • सप्तमी तिथि का समापन 11 मार्च 2026, शनिवार को प्रातः 01 बजकर 54 मिनट पर होगा।
  • वहीं शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।

शीतला सप्तमी तिथि के अन्य शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक होगा।
  • प्रातः सन्ध्या: प्रातः 05 बजकर 00 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक होगा।
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक होगा।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से 02 बजकर 54 मिनट तक होगा।
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06 बजकर 02 मिनट से 06 बजकर 26 मिनट तक होगा।
  • सायाह्न सन्ध्या: शाम 06 बजकर 04 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक होगा।
  • अमृत काल: प्रातः 07 बजकर 26 मिनट से प्रातः 09 बजकर 13 मिनट तक होगा।
  • निशिता मुहूर्त: रात 11 बजकर 44 मिनट से 11 मार्च की रात 12 बजकर 32 मिनट तक होगा।

विशेष योग

  • रवि योग- प्रातः 06 बजकर 12 मिनट से 11 मार्च की शाम 07 बजकर 05 मिनट तक रहेगा।

शीतला अष्टमी 2026

शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है और इसे बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है।

अष्टमी तिथि का समय

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ – 11 मार्च 2026 को प्रातः 01 बजकर 54 मिनट पर
  • अष्टमी तिथि समाप्त – 12 मार्च 2026 को प्रातः 04 बजकर 19 मिनट पर

शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त

  • पूजा का समय – प्रातः 06 बजकर 11 मिनट से शाम 06 बजकर 05 मिनट तक
  • कुल अवधि – 11 घंटे 53 मिनट

शीतला अष्टमी के अन्य शुभ मुहूर्त (11 मार्च 2026)

  • ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 23 मिनट तक होगा।
  • प्रातः सन्ध्या प्रातः 04 बजकर 59 मिनट से 06 बजकर 11 मिनट तक होगी।
  • अभिजित मुहूर्त इस दिन नहीं रहेगा।
  • विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से 02 बजकर 55 मिनट तक होगा।
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 02 मिनट से 06 बजकर 27 मिनट तक होगा।
  • सायाह्न सन्ध्या शाम 06 बजकर 05 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक होगी।
  • अमृत काल दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से 01 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
  • निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 43 मिनट से 12 मार्च की रात 12 बजकर 32 मिनट तक होगा।

हमारी शुभकामनाएँ है कि शीतला सप्तमी का यह व्रत आप सभी जातकों को बेहद शुभ फल प्रदान करे, और आप सभी पर माता शीतला की अपार कृपा सदैव बनी रहे। आप सभी ऐसी ही व्रत, पर्व एवं त्यौहारों से जुड़ी सम्पूर्ण धार्मिक जानकारियों के लिए आगे भी जुड़े रहिए 'श्री मंदिर' के साथ इस धार्मिक मंच पर।

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Published by Sri Mandir·March 9, 2026

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