मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब है
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

क्या आप जानते हैं मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 कब है? जानिए इस पवित्र व्रत की तिथि, पूजा विधि, मुहूर्त और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने का रहस्य – सब कुछ एक ही जगह!

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (अष्टमी) को मनाई जाती है। यह दिन भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जैसा कि उनका जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को हुआ था। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर महीने में एक बार आता है, लेकिन इसे विशेष रूप से रात्री में मनाया जाता है, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि के समय हुआ था।

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब कब है?

  • चैत्र कृष्ण जन्माष्टमी बुधवार, 11 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
  • मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ समय 12 मार्च को रात 12:06 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा।
  • चैत्र मास की कृष्ण अष्टमी तिथि 11 मार्च सुबह 1:54 बजे से शुरू होकर 12 मार्च सुबह 4:19 बजे तक रहेगी।
  • चैत्र कृष्ण जन्माष्टमी: बुधवार, 11 मार्च 2026
  • वैशाख कृष्ण जन्माष्टमी: गुरुवार, 9 अप्रैल 2026
  • ज्येष्ठ कृष्ण जन्माष्टमी: शनिवार, 9 मई 2026
  • अधिक मासिक कृष्ण जन्माष्टमी: सोमवार, 8 जून 2026
  • आषाढ़ कृष्ण जन्माष्टमी: मंगलवार, 7 जुलाई 2026
  • श्रावण कृष्ण जन्माष्टमी: बुधवार, 5 अगस्त 2026
  • भाद्रपद कृष्ण जन्माष्टमी: शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
  • आश्विन कृष्ण जन्माष्टमी: शनिवार, 3 अक्टूबर 2026
  • कार्तिक कृष्ण जन्माष्टमी: रविवार, 1 नवंबर 2026
  • मार्गशीर्ष कृष्ण जन्माष्टमी: मंगलवार, 1 दिसंबर 2026
  • पौष कृष्ण जन्माष्टमी: बुधवार, 30 दिसंबर 2026

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं?

भगवान श्रीकृष्ण की याद में: मासिक कृष्ण जन्माष्टमी हर महीने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को याद करने के लिए मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता: माना जाता है कि भाद्रपद महीने की कृष्ण अष्टमी को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए हर माह इसी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। व्रत और पूजा का महत्व: इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बढ़ती है। संतान सुख के लिए: जिन लोगों को संतान से जुड़ी परेशानी होती है, वे इस दिन पूजा करके संतान प्राप्ति की कामना करते हैं। आध्यात्मिक महत्व: यह पर्व हमें श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को अपनाने और सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

भगवान श्री कृष्ण की पूजा का महत्व

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्त भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हैं, क्योंकि वे प्रेम, भक्ति, सत्य, और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन हमें सही-गलत का अंतर समझाता है और धर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

कष्टों और दुखों से मुक्ति

इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा करने से जीवन में शांति और समृद्धि आती है। जो लोग किसी मानसिक या शारीरिक परेशानी से जूझ रहे होते हैं, वे इस दिन भगवान की भक्ति से मुक्ति पा सकते हैं। श्री कृष्ण की उपासना से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जीवन में उम्मीद और संतुलन बना रहता है।

श्री कृष्ण के आदर्शों को अपनाना

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य उद्देश्य भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उनके जीवन के आदर्शों को अपनाना है। भगवान कृष्ण ने हमें धर्म, सत्य, कर्म, और भक्ति का महत्व सिखाया। इस दिन, भक्त उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प करते हैं।

नैतिक और मानसिक शुद्धि

भगवान श्री कृष्ण की पूजा केवल धार्मिक लाभ नहीं देती, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक और नैतिक शुद्धिकरण में भी मदद करती है। इस दिन उपवास और व्रत रखने से आत्मसंयम और आत्मनियंत्रण की भावना जागृत होती है। यह व्यक्ति को मानसिक शांति और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

समाज में सद्भावना और भाईचारे का प्रचार

कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व न केवल व्यक्तिगत पूजा का दिन है, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने का अवसर भी है। इस दिन भक्त एक साथ मिलकर भजन-कीर्तन करते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम का वातावरण बनता है। यह दिन धार्मिक सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाते हैं?

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ निम्नलिखित तरीके से मनाते हैं:

  • स्नान और शुद्धता: पूजा से पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें।

  • भगवान कृष्ण की पूजा: भगवान कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित कर उन्हें फूल, दीप, और फल अर्पित करें।

  • मंत्र जाप: "ॐ श्री कृष्णाय नमः" और "हरे कृष्ण हरे कृष्ण" जैसे मंत्रों का जाप करें।

  • व्रत और उपवास: इस दिन उपवासी रहकर फलाहार करते हैं।

  • रात्रि जागरण: रात 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव मनाएं, भजन-कीर्तन करें।

  • आरती और प्रसाद: पूजा के बाद आरती करें और प्रसाद वितरण करें।

FAQs

एक साल में कितने मासिक कृष्ण जन्माष्टमी आते हैं?

एक साल में 12 मासिक कृष्ण जन्माष्टमी आती हैं, क्योंकि यह हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा होती है, और इसे मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में हर महीने श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है।

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के फायदे

  • मासिक कृष्ण जन्माष्टमी से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है

  • जीवन के कष्टों से मुक्ति और समृद्धि मिलती है।

  • यह पूजा आत्मिक विकास और शुद्धता की ओर मार्गदर्शन करती है।

  • समाज में भाईचारे और एकता की भावना को भी प्रोत्साहित करती है।

divider
Published by Sri Mandir·March 9, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook