
क्या आप जानते हैं गणेश जयंती 2026 कब है? यहां जानिए तिथि, पूजा-विधि, व्रत नियम, शुभ मुहूर्त और भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव से जुड़ी सभी धार्मिक मान्यताएं — सब कुछ एक ही जगह!
'गणेश जयंती' का पर्व बुद्धि व समृद्धि के देवता भगवान गणेश जी को समर्पित है। यह पर्व हर वर्ष माघ के महीने की शुक्ल चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह तिथि जनवरी और फरवरी महीने के मध्य में आती है। यह त्योहार पूरे भारत में, खासकर महाराष्ट्र और गोवा में भरपूर उल्लास के साथ मनाया जाता है। कई जगहों पर इसे तिलकुट चतुर्थी, वाद चतुर्थी और माघ शुक्ल चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।
सनातन धर्म में गणेश जयंती का विशेष धार्मिक महत्व है। माना जाता है कि इसी दिन माता पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने गणेश जी को जन्म दिया था। भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव कहा गया है, यानी किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजन से ही की जाती है।
इस दिन भगवान गणेश के “विघ्नहर्ता” स्वरूप की उपासना की जाती है। यह पर्व यह सिखाता है कि जीवन में चाहे कितनी भी बाधाएँ आएँ, उन्हें ज्ञान, धैर्य और भक्ति के मार्ग से दूर किया जा सकता है।
शास्त्रों में कहा गया है कि माघ महीने में भगवान गणेश की उपासना करने से बुद्धि-विवेक की वृद्धि होती है, जीवन में समृद्धि आती है और परिवार में शुभता का वास होता है। इस दिन किए गए जप-तप, व्रत और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
गणेश जयंती के दिन घर पर भगवान गणेश की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा करने की विधि इस प्रकार है:
ये थी 'गणेश जयंती' से जुड़ी विशेष जानकारी। इस गणेश जयंती पर श्री मंदिर कामना करता है कि विघ्नहर्ता गणपति बप्पा आपके जीवन से सभी बाधाएँ दूर करें, सही निर्णय लेने की क्षमता दें, और परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखें।
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