
इस लेख में जानिए 2026 में अधिक मासिक दुर्गाष्टमी की तिथि, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और इस दिन किए जाने वाले खास उपायों की पूरी जानकारी।
अधिक मासिक दुर्गाष्टमी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और मंगलकारी मानी जाती है। यह विशेष रूप से अधिक मास में आने वाली अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माता दुर्गा की विधि-विधान से पूजा और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि अधिक मासिक दुर्गाष्टमी का पालन करने से संकट दूर होते हैं और जीवन में शक्ति, सुख-समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
हिंदू धर्म में माता दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है। हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। लेकिन जब यह अष्टमी अधिक मास (मलमास) में आती है, तो इसे अधिक मासिक दुर्गाष्टमी कहा जाता है। यह दिन माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
अधिक मासिक दुर्गाष्टमी: 23 मई 2026, शनिवार तिथि प्रारम्भ: 22 मई 2026 को 29:04+ बजे (अर्थात अगले दिन तड़के लगभग 05:04 बजे) तिथि समाप्त: 23 मई 2026 को 28:27+ बजे (अर्थात अगले दिन तड़के लगभग 04:27 बजे) पक्ष: शुक्ल पक्ष अष्टमी (ज्येष्ठ मास) व्रत और पूजा 23 मई 2026 (शनिवार) को की जाएगी।
मासिक दुर्गाष्टमी हर महीने आने वाली अष्टमी तिथि है, जो माता दुर्गा को समर्पित होती है। इस दिन भक्त माता दुर्गा की पूजा करके शक्ति, साहस और रक्षा की प्रार्थना करते हैं। यह व्रत विशेष रूप से:
जब यह अष्टमी अधिक मास में आती है, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है।
अधिक मास में किए गए व्रत और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
इस दिन माता दुर्गा की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
यह व्रत बुरी शक्तियों और बाधाओं से रक्षा करता है।
इस व्रत से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
आपके दिए गए डेटा के अनुसार 2026 में मासिक दुर्गाष्टमी की तिथियाँ इस प्रकार हैं:
इस व्रत को करने की विधि बहुत सरल है:
क्या करें:
इस व्रत को करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं:
यह व्रत सभी के लिए लाभकारी है:
अधिक मासिक दुर्गाष्टमी एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली व्रत है, जो वर्ष 2026 में 23 मई (शनिवार) को पड़ रही है। इसकी तिथि 22 मई की देर रात से शुरू होकर 23 मई तक रहेगी। यह दिन माता दुर्गा की कृपा पाने, जीवन की समस्याओं को दूर करने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए बहुत उत्तम अवसर है। यदि आप इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से इसका शुभ फल मिलेगा।
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