
आज का चौघड़िया (31 जुलाई 2026): जानें आज का शुभ, लाभ, अमृत, चर, रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया। अपने शहर के अनुसार शुभ मुहूर्त देखकर महत्वपूर्ण कार्य शुरू करें।
आज का चौघड़िया, 31 July 2026 पढ़कर जानें कि आज कौन-सा समय नए काम, यात्रा, पूजा, खरीदारी, निवेश या किसी भी शुभ कार्य के लिए सबसे अच्छा रहेगा। इस लेख में आपको अपने शहर के अनुसार शुभ, लाभ, अमृत, चर, रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया का समय आसानी से मिलेगा। साथ ही यह भी समझेंगे कि कौन-से चौघड़िया में कौन-से काम करना शुभ माना जाता है और किन समयों में महत्वपूर्ण काम करने से बचना चाहिए।
भारतीय संस्कृति और वैदिक ज्योतिष में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले सही समय यानी 'मुहूर्त' देखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। चौघड़िया (Choghadiya) एक ऐसी दैनिक समय-सारणी है, जो दिन और रात के 24 घंटों को शुभ और अशुभ काल में विभाजित करती है। यदि आपके पास किसी कार्य के लिए विस्तृत पंचांग देखने का समय नहीं है, तो चौघड़िया का उपयोग सबसे सरल और सटीक माना जाता है।
आइए जानते हैं 31 जुलाई 2026, शुक्रवार के दिन का चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और भारत के शीर्ष 50 शहरों में इसके समय का बदलाव।
दिन का चौघड़िया सूर्योदय से शुरू होकर सूर्यास्त तक चलता है। शुक्रवार के दिन सूर्योदय के समय पहला चौघड़िया 'चर' का होता है। आमतौर पर यह मानक समय (Standard Time) के अनुसार इस प्रकार रहेगा:
रात का चौघड़िया सूर्यास्त से शुरू होकर अगले दिन के सूर्योदय तक चलता है। शुक्रवार की रात का पहला चौघड़िया 'रोग' का होता है।
महत्वपूर्ण नोट: प्रत्येक शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग होता है, जिसके कारण चौघड़िया के वास्तविक समय में अंतर आता है। नीचे दी गई तालिका भारत के 50 प्रमुख शहरों में 31 जुलाई 2026 के दिन के मुख्य शुभ मुहूर्त (शुभ, लाभ, अमृत) की स्थानीय समयावधि दर्शाती है।
वैदिक ज्योतिष में चौघड़िया का निर्माण सूर्योदय के समय के आधार पर किया जाता है। दिन और रात के समय को 8-8 बराबर भागों में बांटा जाता है, जो लगभग 1.5 घंटे (90 मिनट) का एक भाग होता है।
चौघड़िया मुख्य रूप से 7 प्रकार के होते हैं, जिनमें से 4 शुभ और 3 अशुभ माने जाते हैं:
विशेष उपाय: यदि आपको किसी आपातकालीन परिस्थिति में उद्वेग, काल या रोग के समय कोई आवश्यक कार्य करना ही पड़े, तो अपने ईष्ट देव का स्मरण करें या हनुमान चालीसा का पाठ कर कार्य की शुरुआत करें, इससे दोष कम होता है।
31 जुलाई 2026 को शुक्रवार के दिन सावन (श्रावण) मास की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का सुंदर संयोग बन रहा है, जिससे भगवान शिव-पार्वती और धन की देवी माँ लक्ष्मी जी की आराधना करने से जीवन में आर्थिक स्थिरता, सुख-समृद्धि और अटके हुए कार्यों में सफलता की प्राप्ति होती है।
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