
"श्री कृष्ण की भक्ति में खो जाएं, 'बड़ी देर भाई नंदलाला' भजन के पावन बोल पढ़ें और आनंद लें। अभी पढ़ें!"
"बड़ी देर भई नंदलाला" ये भजन भक्ति और प्रेम से भरपूर एक अद्भुत रचना है जो भगवान कृष्ण की आराधना को समर्पित है। यह भजन भक्त के धैर्य, इंतजार, और भगवान से मिलन की तीव्र लालसा को प्रकट करता है। इसे सुनने और गाने से मन को शांति, भक्ति में गहराई, और भगवान के प्रति समर्पण की भावना बढ़ती है। यह भक्तों के हृदय में कृष्ण के प्रति प्रेम को और प्रगाढ़ बनाता है।
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
ग्वाल-बाल इक-इक से पूछे
कहाँ है मुरली वाला रे
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
कोई ना जाए कुञ्ज गलिन में,
तुझ बिन कलियाँ चुनने को ।
तुझ बिन कलियाँ चुनने को ।
तरस रहे हैं..
तरस रहे हैं जमुना के तट,
धुन मुरली की सुनने को ।
अब तो दरस दिखा दे नटखट,
क्यों दुविधा में डाला रे ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
संकट में है आज वो धरती,
जिस पर तूने जनम लिया ।
जिस पर तूने जनम लिया ।
पूरा कर दे...
पूरा कर दे आज वचन वो,
गीता में जो तूने दिया ।
कोई नहीं है तुझ बिन मोहन,
भारत का रखवाला रे ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
ग्वाल-बाल इक-इक से पूछे
कहाँ है मुरली वाला रे ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
बड़ी देर भई नंदलाला,
तेरी राह तके बृजबाला ।
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