
7 अगस्त 2025 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, चतुर्दशी तिथि का धार्मिक महत्व, पूजा विधि, राहुकाल और शुभ समय।
7 अगस्त दोपहर 2:28 बजे से शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि आरंभ होकर 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे तक रहेगी। इस अवधि में पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, विष्कुंभ व प्रीति योग, तैतिल, गरिजा और वणिजा करण का संयोग रहेगा। यह तिथि गुरुवार को पड़ रही है।
7 अगस्त 2025 को गुरुवार है और यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस तिथि का उपयोग व्रत, पूजा, कथा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता है।
श्रावण शुक्ल चतुर्दशी का दिन शिव-पार्वती की आराधना, व्रत, ध्यान और कथा सुनने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। गुरुवार के दिन गुरु बृहस्पति की पूजा से ज्ञान, विवाह, संतान और धन संबंधी शुभ फल मिलते हैं।
7 अगस्त 2025 का दिन चतुर्दशी तिथि और गुरुवार के शुभ संयोग से अत्यंत पुण्यदायी है। यह दिन व्रत, पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल है। इस दिन शिव और गुरु की आराधना करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

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