
जानिए इस दिन का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
5 जनवरी 2026 धार्मिक और पंचांग संबंधी जानकारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन से जुड़े व्रत, पूजा और धार्मिक पहलुओं को जानना कई लोगों के लिए उपयोगी होता है। इस लेख में जानिए 5 जनवरी 2026 का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी आवश्यक बातें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 6 जनवरी 2026 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष है? 6 जनवरी 2026, मंगलवार को कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। यह दिन माघ मास (पूर्णिमांत) में आता है, जिसे स्नान, दान और संयम का अत्यंत पवित्र समय माना जाता है। माघ मास और मंगलवार का संयोग इस दिन को साधना, आत्मशुद्धि और धार्मिक कार्यों के लिए विशेष बनाता है।
तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया – सुबह 8:03 AM तक
नक्षत्र: अश्लेषा – दोपहर 12:19 PM तक
योग: प्रीति – रात 8:21 PM तक
करण: विष्टि – सुबह 8:03 AM तक
वार: मंगलवार
मास (अमांत): पौष
मास (पूर्णिमांत): माघ
विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि: कर्क
ऋतु: हेमंत
आयन: दक्षिणायन
दिशाशूल: उत्तर दिशा
चंद्र निवास: उत्तर
शुभ मुहूर्त: 11:44 AM से 12:26 PM
राहुकाल: 2:44 PM से 4:04 PM
गुलिक काल: 12:05 PM से 1:24 PM
यमघण्ट काल: 9:25 AM से 10:45 AM
सूर्योदय: 6:45 AM
सूर्यास्त: 5:24 PM
चंद्र उदय: 8:36 PM
चंद्रास्त: 9:07 AM
माघ मास का पावन प्रभाव
माघ मास को धर्म और तपस्या का श्रेष्ठ काल माना जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दान और जप विशेष पुण्य प्रदान करता है।
कृष्ण तृतीया तिथि का महत्व
यह तिथि आत्मसंयम, मानसिक शुद्धि और आध्यात्मिक चिंतन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
मंगलवार का धार्मिक महत्व
मंगलवार भगवान हनुमान का प्रिय दिन है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से साहस, बल और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
हनुमान जी या अपने इष्ट देव की पूजा करें।
माघ मास के संकल्प के साथ दान-पुण्य करें।
लाल वस्त्र, गुड़ या चना दान करना शुभ माना जाता है।
दिन का कुछ समय जप, ध्यान और पाठ में व्यतीत करें।
6 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। माघ मास, कृष्ण तृतीया और मंगलवार का संयोग इस दिन को पूजा, दान और साधना के लिए विशेष रूप से फलदायी बनाता है। इस दिन श्रद्धा से किए गए धार्मिक कर्म जीवन में ऊर्जा, संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करते हैं।
Did you like this article?

जानें 7 जनवरी 2026 का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त और इस दिन का धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व।

जानें 5 जनवरी 2026 का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त और इस दिन का धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व।

जानें 4 जनवरी 2026 का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त और इस दिन का धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व।