
जानिए इस दिन का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।
5 जनवरी 2026 धार्मिक दृष्टि से खास दिन है। इस दिन पूजा-पाठ, दान और अच्छे काम करने से दिन की शुरुआत शुभ मानी जाती है। आगे जानिए इस दिन कौन से काम और पूजा विधि सबसे उचित मानी जाती है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 5 जनवरी 2026 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष है? 5 जनवरी 2026, सोमवार को कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह दिन माघ मास (पूर्णिमांत) में आता है, जिसे स्नान, दान और संयम का विशेष काल माना जाता है। सोमवार और माघ मास का संयोग इस दिन को भगवान शिव की पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ बनाता है।
तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया – सुबह 9:57 AM तक
नक्षत्र: पुष्य – दोपहर 1:26 PM तक
योग: विष्कुम्भ – रात 10:47 PM तक
करण: गर – सुबह 9:59 AM तक
वार: सोमवार
मास (अमांत): पौष
मास (पूर्णिमांत): माघ
विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि: कर्क
ऋतु: हेमंत
आयन: दक्षिणायन
दिशाशूल: पूर्व दिशा
चंद्र निवास: उत्तर
शुभ मुहूर्त: 11:43 AM से 12:25 PM
राहुकाल: 8:05 AM से 9:25 AM
गुलिक काल: 1:24 PM से 2:44 PM
यमघण्ट काल: 10:44 AM से 12:04 PM
सूर्योदय: 6:45 AM
सूर्यास्त: 5:23 PM
चंद्र उदय: 7:33 PM
चंद्रास्त: 8:25 AM
माघ मास का पुण्य प्रभाव
माघ मास को दान, स्नान और जप का श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य कई गुना फल प्रदान करते हैं।
पुष्य नक्षत्र का महत्व
पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्य स्थायी फल देते हैं और जीवन में समृद्धि लाते हैं।
सोमवार का धार्मिक महत्व
सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन है। इस दिन शिव पूजा और व्रत करने से मानसिक शांति और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिव मंत्रों का जाप करें।
माघ मास के संकल्प के साथ दान-पुण्य करें।
जरूरतमंदों को अन्न, तिल या वस्त्र का दान करें।
दिन का कुछ समय ध्यान और जप में व्यतीत करें।
5 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। माघ मास, पुष्य नक्षत्र और सोमवार का संयोग इस दिन को पूजा, व्रत और दान के लिए अत्यंत फलदायी बनाता है। इस दिन श्रद्धा से किए गए पुण्य कर्म जीवन में शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करते हैं।
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