30 मई 2026 को क्या है?
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30 मई 2026 को क्या है? | 30 May 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

कैलेंडर की हर तारीख अपने साथ कुछ संकेत लेकर आती है, और 30 मई 2026 भी ऐसा ही एक दिन है। इस दिन पंचांग के अनुसार कौन-सी तिथि पड़ती है और उससे जुड़ा धार्मिक पक्ष क्या है, इसे आगे समझते हैं।

30 मई 2026 को क्या है?

कभी-कभी पंचांग में कुछ दिन ऐसे आते हैं जो सामान्य दिखते हुए भी धार्मिक दृष्टि से खास महत्व रखते हैं। 30 मई 2026 ऐसा ही एक दिन है, जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और शनिवार के संयोग में आता है। यह दिन धार्मिक कार्यों, विशेषकर शिव आराधना और शनि देव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन के नक्षत्र और योग भी इसके महत्व को और बढ़ाते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – दोपहर 11:59 AM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: विशाखा – दोपहर 1:21 PM तक
  • योग: शिव – सुबह 5:25 AM तक
  • करण: वणिज – दोपहर 11:59 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: तुला
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

30 मई 2026 को शुक्ल चतुर्दशी तिथि पड़ रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। चतुर्दशी तिथि विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए शुभ मानी जाती है। शनिवार होने के कारण इस दिन शनि देव की पूजा और व्रत का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्ति और संयम के साथ किया गया पूजा-पाठ शुभ फल देने वाला माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:23 PM
  • राहुकाल: 8:33 AM से 10:14 AM
  • गुलिक काल: 5:09 AM से 6:51 AM
  • यमघण्ट काल: 1:38 PM से 3:20 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:09 AM
  • सूर्यास्त: 6:44 PM
  • चंद्रोदय: 6:04 PM
  • चंद्रास्त: 3:58 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • भगवान शिव और शनि देव का ध्यान करें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
  • शनि देव के लिए सरसों का तेल और काले तिल का दान करें।
  • मंदिर जाकर दीपक जलाएं और पूजा करें।
  • दिनभर संयम और सकारात्मक विचार बनाए रखें।

निष्कर्ष

30 मई 2026 का दिन ज्येष्ठ मास की शुक्ल चतुर्दशी तिथि के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। शनिवार का संयोग इस दिन के महत्व को और अधिक बढ़ाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ, शिव आराधना और शनि देव की भक्ति करने से जीवन में शांति, संतुलन और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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Published by Sri Mandir·April 21, 2026

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