3 दिसंबर 2025 को क्या है?
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3 दिसंबर 2025 को क्या है?

जानिए इस दिन का विस्तृत पंचांग, नवमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय, योग, करिणा और इस दिन के धार्मिक महत्व से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी।

आज के दिन के बारे में

3 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन किए गए पूजन, व्रत और दान से घर–परिवार में सुख, शांति और सौभाग्य की वृद्धि होती है। भक्तजन भगवान और देवी-देवताओं की श्रद्धापूर्ण आराधना करके अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।

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3 दिसंबर 2025 को क्या है?: जानें इस दिन से जुड़ी रोचक बातें

क्या आप जानना चाहते हैं कि 3 दिसंबर 2025 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग पड़ रहे हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है? 3 दिसंबर 2025, बुधवार के दिन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि पर मुख्य रूप से हनुमान जयंती (कन्नड़) मनाई जाती है। दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक में यह दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। त्रयोदशी तिथि शिव-पूजा और दान-पुण्य के लिए भी शुभ मानी जाती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी — दोपहर 12:27 PM तक
  • नक्षत्र: भरणी — शाम 6:00 PM तक
  • योग: परिघ — शाम 4:58 PM तक
  • करण: तैतिल — दोपहर 12:24 PM तक
  • वार: बुधवार
  • मास (अमांत): मृगशिरा
  • मास (पूर्णिमांत): मृगशिरा
  • विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: मेष
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर दिशा
  • चंद्र की दिशा: पूर्व दिशा

त्योहार व पर्व

  1. हनुमान जयंती (कन्नड़)
  • दक्षिण भारत में, खासकर कर्नाटक में, इस दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

  • भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ, हनुमान अभिषेक और विशेष पूजा करते हैं।

  • यह दिन शक्ति, साहस, भक्ति और संकटों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:28 AM से 12:10 PM
  • राहुकाल: 11:49 AM से 1:08 PM
  • गुलिक काल: 10:29 AM से 11:49 AM
  • यमघंट काल: 7:49 AM से 9:09 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:29 AM
  • सूर्यास्त: 5:08 PM
  • चंद्रोदय: 3:28 PM
  • चंद्रास्त: 4:22 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • हनुमान जी के सामने दीप, फूल, सिंदूर, गुड़ और चने का भोग चढ़ाएँ।

  • हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या रामायण पाठ करना अत्यंत शुभ।

  • बुधवार होने के कारण गणेश व हनुमान पूजा का विशेष महत्व है।

  • जरूरतमंदों को भोजन या दान देने से पुण्य में वृद्धि होती है।

निष्कर्ष

3 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है। शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और इस दिन मनाई जाने वाली कन्नड़ हनुमान जयंती इसे अत्यंत शुभ बनाती है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा, व्रत, दान और मंत्र-जप से साहस, शक्ति, सुरक्षा और जीवन में बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

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Published by Sri Mandir·December 3, 2025

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