3 अगस्त 2025 को क्या है?
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3 अगस्त 2025 को क्या है?

3 अगस्त 2025 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, दशमी तिथि का महत्व, पूजा-पाठ और शुभ योग की विस्तृत जानकारी।

आज के दिन के बारे में

3 अगस्त 2025 का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास रहेगा। इस दिन कौन-कौन से व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे, इनके पीछे की मान्यताएं क्या कहती हैं और कौन से शुभ मुहूर्त बनेंगे, यह जानना रोचक होगा। इस लेख में जानिए 3 अगस्त 2025 से जुड़ी पूरी जानकारी, जो इस दिन को विशेष महत्व देती है।

3 अगस्त 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 3 अगस्त 2025 को कौन-सा व्रत, पर्व या तिथि है? यह दिन धार्मिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है? आइए जानते हैं। 3 अगस्त 2025 को रविवार का दिन है और यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि को भगवान विष्णु, विशेषकर श्रीहरि के दशनाम रूपों की पूजा का महत्व है। यह दिन व्रत, ध्यान और धार्मिक सेवा के लिए उपयुक्त माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: दशमी

  • आरंभ: 2 अगस्त 2025 को सुबह 9:39 बजे

  • समाप्ति: 3 अगस्त 2025 को प्रातः 11:04 बजे तक

  • नक्षत्र: अनुराधा (दोपहर 12:21 बजे तक), फिर ज्येष्ठा

  • योग: इंद्र योग (10:42 बजे तक), फिर वैधृति

  • वार: रविवार

रविवार को दशमी तिथि का योग विशेष रूप से सूर्य पूजन, पितृ तर्पण और आरोग्य-संबंधी अनुष्ठानों के लिए शुभ माना जाता है।

दशमी तिथि का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में दशमी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा के लिए उत्तम दिन माना गया है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दशमी विशेष रूप से विष्णु सहस्रनाम पाठ, हरि स्तोत्र और दान-पुण्य के लिए शुभ होती है।

इस दिन उपवास रखने वाले साधक सुबह स्नान कर श्रीहरि विष्णु का ध्यान करते हैं और घर या मंदिर में विष्णु पूजा, तुलसी पूजन और दीपदान करते हैं।

पूजन विधि

  • सूर्योदय से पूर्व स्नान करें

  • विष्णु भगवान की मूर्ति या चित्र स्थापित करें

  • पीले पुष्प, तुलसीदल, चंदन व फल अर्पित करें

  • विष्णु सहस्रनाम, विष्णु स्तोत्र या दशमी व्रत कथा का पाठ करें

  • दीप प्रज्वलित कर आरती करें

  • अन्नदान या वस्त्रदान करें

राहुकाल व शुभ मुहूर्त

  • राहुकाल: शाम 5:36 बजे से 7:14 बजे तक

  • इस समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए

  • शुभ मुहूर्त: सुबह 7:00 से 9:00 और दोपहर 12:30 से 3:00 तक

निष्कर्ष

3 अगस्त 2025 को दशमी तिथि और रविवार का विशेष संयोग भक्तों को श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर प्रदान करता है। इस दिन की गई पूजा, दान और साधना जीवन में शुभता और मनोवांछित फल देने वाली होती है। श्रावण मास में आने वाली यह दशमी तिथि साधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है।

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Published by Sri Mandir·August 13, 2025

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