26 नवंबर 2026 को क्या है?
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26 नवंबर 2026 को क्या है? | 26 November 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

कई लोग किसी दिन की शुरुआत से पहले यह जानना पसंद करते हैं कि वह धार्मिक रूप से कितना खास है। 26 नवंबर 2026 को कौन-से व्रत, शुभ समय और पंचांग से जुड़ी बातें इस दिन को अलग बनाती हैं, आइए जानते हैं।

26 नवंबर 2026 को क्या है?

सुबह की शुरुआत अगर सही जानकारी और थोड़ी आध्यात्मिक समझ के साथ हो, तो दिन अधिक संतुलित महसूस हो सकता है। 26 नवंबर 2026 का पंचांग ऐसे ही कई संकेतों को सामने लाता है, जिनमें शुभ-अशुभ समय, तिथि और नक्षत्र की अपनी अलग भूमिका होती है। कई लोग मानते हैं कि दिन की सही शुरुआत मन को भी सकारात्मक दिशा देती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि इस दिन कौन-सी बातों पर ध्यान देना लाभकारी माना जा सकता है, तो आगे की जानकारी आपके लिए रोचक हो सकती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीय – दोपहर 1:16 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: मृगशिरा – शाम 5:48 PM तक
  • योग: सिद्ध – सुबह 7:49 AM तक
  • करण: गर – दोपहर 1:16 PM तक
  • मास (अमांत): कार्तिक
  • मास (पूर्णिमांत): मृगशिरा
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: दक्षिण

इस दिन का धार्मिक महत्व

कृष्ण पक्ष द्वितीय

द्वितीय तिथि को कई लोग मन की स्थिरता, संयम और सकारात्मक सोच से जोड़कर देखते हैं। इस दिन ईश्वर का स्मरण कर शांत मन से कार्य आरंभ करना शुभ माना जाता है।

मृगशिरा नक्षत्र और सिद्ध योग

मृगशिरा नक्षत्र जिज्ञासा, सीखने और नई दिशा की खोज से जुड़ा माना जाता है, वहीं सिद्ध योग को शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अनुकूल माना जाता है। श्रद्धा के साथ पूजा और ध्यान करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो सकता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:25 AM से 12:07 PM
  • राहुकाल: 1:07 PM से 2:27 PM
  • गुलिक काल: 9:05 AM से 10:25 AM
  • यमघण्ट काल: 6:23 AM से 7:44 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:23 AM
  • सूर्यास्त: 5:08 PM
  • चंद्रोदय: 6:48 PM
  • चंद्रास्त: 8:12 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु, भगवान शिव या अपने इष्ट देव का स्मरण करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर शांत मन से प्रार्थना करें।
  • शुभ समय में पूजा या आवश्यक कार्य शुरू करने का प्रयास करें।
  • जरूरतमंदों को दान और सहायता देना शुभ माना जाता है।
  • शाम के समय ध्यान या भक्ति में कुछ समय बिताना लाभकारी माना जाता है।

निष्कर्ष

26 नवंबर 2026 का दिन पंचांग और धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा सकता है। कृष्ण पक्ष द्वितीय, मृगशिरा नक्षत्र और सिद्ध योग इस दिन को आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं। श्रद्धा, सकारात्मक सोच और सही समय का ध्यान रखते हुए किए गए कार्य मन में संतुलन और शांति का भाव ला सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·May 29, 2026

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