25 नवंबर 2026 को क्या है?
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25 नवंबर 2026 को क्या है? | 25 November 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन अपने साथ कुछ नई धार्मिक मान्यताएं, शुभ-अशुभ संकेत और ज्योतिषीय प्रभाव लेकर आता है, और 25 नवंबर 2026 भी ऐसा ही एक विशेष दिन है। इस दिन के व्रत-त्योहार, पूजा-पाठ के लिए अनुकूल समय और पंचांग में छुपे धार्मिक महत्व को जानना आपके काम आ सकता है। आइए जानते हैं कि 25 नवंबर 2026 का दिन किन मायनों में खास है।

25 नवंबर 2026 को क्या है?

क्या हर नया पक्ष अपने साथ किसी नई शुरुआत का संकेत लेकर आता है? 25 नवंबर 2026 का दिन ऐसा ही महसूस हो सकता है, जब कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा के साथ पंचांग कई रोचक और आध्यात्मिक संकेत देता नजर आता है। इस दिन शुभ समय, नक्षत्र और योग को लेकर ऐसी जानकारियां जुड़ी हैं, जिन्हें कई लोग पूजा, दिनचर्या और महत्वपूर्ण कार्यों से पहले जानना पसंद करते हैं। आखिर इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और कौन-सी बातें इसे खास बनाती हैं? आइए विस्तार से समझते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – शाम 4:51 PM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: रोहिणी – रात 8:37 PM तक
  • योग: शिव – दोपहर 12:00 PM तक
  • करण: बालव – सुबह 6:37 AM तक
  • मास (अमांत): कार्तिक
  • मास (पूर्णिमांत): मृगशिरा
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

इस दिन का धार्मिक महत्व

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा

प्रतिपदा तिथि को नई शुरुआत और संतुलित दिनचर्या के लिए शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन ईश्वर का स्मरण कर मन को शांत रखने और सकारात्मक सोच के साथ कार्य आरंभ करने का प्रयास करते हैं।

शिव योग

इस दिन बनने वाला शिव योग धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस समय भगवान शिव और अपने इष्ट देव का स्मरण करने से मन में स्थिरता और सकारात्मकता का भाव बढ़ सकता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:25 AM से 12:07 PM
  • राहुकाल: 11:46 AM से 1:06 PM
  • गुलिक काल: 10:25 AM से 11:46 AM
  • यमघण्ट काल: 7:43 AM से 9:04 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:23 AM
  • सूर्यास्त: 5:08 PM
  • चंद्रोदय: 5:41 PM
  • चंद्रास्त: 7:03 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव और अपने इष्ट देव का स्मरण करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर शांत मन से पूजा करें।
  • दिन की शुरुआत सकारात्मक संकल्प और प्रार्थना के साथ करें।
  • जरूरतमंदों की सहायता और दान करना शुभ माना जाता है।
  • शाम के समय ध्यान या भक्ति में कुछ समय देना लाभकारी माना जाता है।

निष्कर्ष

25 नवंबर 2026 का दिन धार्मिक और पंचांग दृष्टि से विशेष माना जा सकता है। कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, रोहिणी नक्षत्र और शिव योग मिलकर इस दिन को आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं। श्रद्धा, सकारात्मक सोच और सही समय का ध्यान रखते हुए किए गए कार्य मन में शांति और संतुलन का अनुभव करा सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·May 29, 2026

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