25 जुलाई 2026 को क्या है?
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25 जुलाई 2026 को क्या है? | 25 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की महत्वपूर्ण जानकारी देता है। 25 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

25 जुलाई 2026 को क्या है?

एकादशी का दिन हमेशा साधना, व्रत और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है, और जब यह देवशयनी एकादशी के रूप में आए, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। 25 जुलाई 2026 का दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि में आता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष आराधना का विधान होता है और चातुर्मास की शुरुआत का भी संकेत मिलता है। ज्येष्ठा नक्षत्र और शनिवार का संयोग इस दिन को गंभीरता, अनुशासन और आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है। यह दिन व्रत, भक्ति और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी – 11:35 AM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा – 7:35 AM तक
  • योग: ब्रह्मा – 9:09 PM तक
  • करण: विष्टि – 11:34 AM तक
  • मास (अमांत): आषाढ़
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कर्क
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: उत्तर

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:31 PM
  • राहुकाल: 8:44 AM से 10:25 AM
  • गुलिक काल: 5:22 AM से 7:03 AM
  • यमघण्ट काल: 1:46 PM से 3:27 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:22 AM
  • सूर्यास्त: 6:48 PM
  • चंद्रोदय: 3:43 PM
  • चंद्रास्त: 1:20 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु की पूजा तुलसी दल से करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • दिनभर संयम और भक्ति भाव रखें।
  • जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान करें।
  • रात्रि में दीपदान और भजन-कीर्तन करें।

निष्कर्ष

25 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। देवशयनी एकादशी के कारण यह दिन भगवान विष्णु की भक्ति और चातुर्मास आरंभ का विशेष अवसर प्रदान करता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया व्रत जीवन में शांति, पुण्य और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खोलता है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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