24 दिसंबर 2025 को क्या है?
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24 दिसंबर 2025 को क्या है?

जानिए इस दिन की अमावस्या तिथि, धन त्रयोदशी व्रत का महत्व, पंचांग, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय, योग, करिणा और इस दिन के धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।

आज के दिन के बारे में

24 दिसंबर 2025 को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ दिन माना जाता है। इस तिथि पर किए गए पूजा, व्रत और दान से जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और परिवार में सौभाग्य और सुख-शांति का वातावरण बनता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई भक्ति साधना से मन को शांति मिलती है और मनोकामनाओं की पूर्ति संभव होती है।

24 दिसंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 24 दिसंबर 2025 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष है? 24 दिसंबर 2025, बुधवार को शुक्ल पक्ष चतुर्थी है। इस दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से पूजा, व्रत और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। चतुर्थी तिथि देवी-देवताओं की आराधना, घर की समृद्धि और सुख-शांति के लिए विशेष महत्व रखती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्थी - दोपहर 1:12 PM तक

  • नक्षत्र: श्रावण - सुबह 7:08 AM तक

  • योग: हर्षण - शाम 4:03 PM तक

  • करण: विष्टि - दोपहर 1:08 PM तक

  • वार: बुधवार

  • मास (अमांत): पौष

  • मास (पूर्णिमांत): पौष

  • विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: धनु

  • चंद्र राशि: मकर

  • ऋतु: हेमंत

  • आयन: दक्षिणायन

  • दिशाशूल: उत्तर दिशा

  • चंद्र निवास: दक्षिण दिशा

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:37 AM से 12:19 PM

  • राहुकाल: 11:58 AM से 1:18 PM

  • गुलिक काल: 10:39 AM से 11:58 AM

  • यमघंट काल: 8:01 AM से 9:20 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:41 AM

  • सूर्यास्त: 5:15 PM

  • चंद्र उदय: 9:49 AM

  • चंद्रास्त: 9:07 PM

त्योहार और विशेष अवसर

  • धार्मिक महत्व: चतुर्थी तिथि पर देवी-देवताओं की पूजा और व्रत करना शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए कर्म जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति लाते हैं।

  • चंद्र दर्शन: श्रावण नक्षत्र के समय चंद्र दर्शन करना फलदायी होता है।

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • घर या मंदिर में देवी-देवताओं की पूजा करें।

  • दीप प्रज्वलन और तुलसी या फूल अर्पित करें।

  • दान और भजन-कीर्तन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

  • शाम को आरती करें और चतुर्थी तिथि से जुड़ी कथा या भजन का पाठ करें।

निष्कर्ष

24 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष है। चतुर्थी तिथि होने के कारण पूजा, व्रत और दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए कर्म जीवन में शांति, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ाते हैं।

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Published by Sri Mandir·December 15, 2025

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