23 सितंबर 2026 को क्या है?
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23 सितंबर 2026 को क्या है? | 23 September 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग हमारे जीवन में विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी जाती है। 23 सितंबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और पूजा-पाठ व मांगलिक कार्यों के लिए कौन-सा समय शुभ माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

23 सितंबर 2026 को क्या है?

कई बार लोग केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि द्वादशी जैसी तिथियों पर भी विशेष पूजा और नियमों का पालन करते हैं। 23 सितंबर 2026 का दिन भी ऐसी ही धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। भगवान विष्णु की आराधना, तुलसी पूजा और सात्विक जीवनशैली को इस दिन शुभ माना गया है। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि इस दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं और पूजा का सही समय क्या रहेगा, तो यहां दी गई जानकारी आपके लिए मददगार हो सकती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी – रात 10:51 PM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: श्रावण – सुबह 9:10 AM तक
  • योग: सुकर्मा – शाम 4:27 PM तक
  • करण: बव – सुबह 10:19 AM तक
  • मास (अमांत): भाद्रपद
  • मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: मकर
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

धार्मिक महत्व

द्वादशी तिथि को सनातन धर्म में अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से एकादशी व्रत करने वाले भक्त इस दिन विधिपूर्वक व्रत का पारण करते हैं। भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्चना और दान-पुण्य के कार्य इस दिन शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करने से मन में सकारात्मकता और शांति बनी रहती है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:27 AM से 12:15 PM राहुकाल: 11:51 AM से 1:22 PM गुलिक काल: 10:20 AM से 11:51 AM यमघण्ट काल: 7:18 AM से 8:49 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:48 AM सूर्यास्त: 5:54 PM चंद्रोदय: 3:54 PM चंद्रास्त: 2:24 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करें।
  • यदि एकादशी व्रत रखा हो तो द्वादशी में विधिपूर्वक पारण करें।
  • तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें और दीप जलाएं।
  • विष्णु मंत्रों या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • जरूरतमंद लोगों को भोजन और दान देना शुभ माना जाता है।
  • दिनभर सकारात्मक विचार और सात्विक आचरण बनाए रखें।

निष्कर्ष

23 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से शांत, शुभ और पुण्यदायी माना जा रहा है। द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत पारण का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए पूजा-पाठ और दान-पुण्य के कार्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, संतुलन और मानसिक शांति बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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