4 जुलाई 2026 को क्या है?
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4 जुलाई 2026 को क्या है? | 4 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों से जुड़ा होता है। 4 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

4 जुलाई 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 4 जुलाई 2026 को कौन-कौन से शुभ योग और धार्मिक संयोग बन रहे हैं? 4 जुलाई 2026, शनिवार के दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है (दोपहर 12:41 PM तक)। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और प्रीति योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ माना जाता है। शनिवार होने के कारण भगवान शनिदेव की पूजा और उपायों का भी विशेष महत्व बताया गया है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी – 12:41 PM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: धनिष्ठा – 1:44 PM तक
  • योग: प्रीति – 5:02 PM तक
  • करण: बालव – 12:37 PM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: कुम्भ
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पश्चिम

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:36 AM से 12:30 PM
  • राहुकाल: 8:38 AM से 10:21 AM
  • गुलिक काल: 5:13 AM से 6:56 AM
  • यमघण्ट काल: 1:46 PM से 3:28 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:13 AM
  • सूर्यास्त: 6:53 PM
  • चंद्रोदय: 9:53 PM
  • चंद्रास्त: 8:49 AM

धार्मिक महत्व

4 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। धनिष्ठा नक्षत्र को सफलता, समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि प्रीति योग मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला योग माना गया है। शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा, तिल का दान और पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश और शनिदेव की आराधना करने से बाधाओं और कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है।

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें।
  • भगवान गणेश और शनिदेव का ध्यान कर पूजा करें।
  • शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल और नीले पुष्प अर्पित करें।
  • गणेश जी को दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं।
  • पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों को तिल, काला वस्त्र और अन्न का दान करें।
  • शाम के समय भगवान की आरती और मंत्र जाप करें।

निष्कर्ष

4 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है। प्रीति योग, धनिष्ठा नक्षत्र और शनिवार का संयोग इस दिन को विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ, दान-पुण्य और मंत्र जाप करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।

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Published by Sri Mandir·July 4, 2026

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